
देहरादून(08 जनवरी 2026)
उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर सियासी और सामाजिक बहस के केंद्र में आ गया है। इसी बीच राज्य सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए पौड़ी जनपद के डोभ, श्रीकोट में स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज का नाम बदलकर स्वर्गीय अंकिता भंडारी के नाम पर रखने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के ज़रिए इसकी जानकारी साझा की है। शासन ने इससे जुड़ा औपचारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब पूरे प्रदेश में अंकिता भंडारी मामले की सीबीआई जांच की मांग तेज होती जा रही है। कई जिलों में राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों द्वारा प्रदर्शन किए जा रहे हैं। लोगों की मुख्य मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और उस कथित वीआईपी की पहचान सामने लाई जाए, जिसका नाम पहले जांच के दौरान उछला था।
प्रदेश की राजनीति में यह उबाल तब और बढ़ गया जब अभिनेत्री उर्मिला सनावर, जो स्वयं को बीजेपी से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर की पत्नी बताती हैं, ने अंकिता भंडारी से जुड़े कथित ऑडियो और वीडियो सार्वजनिक करने का दावा किया। इसके बाद विपक्षी दलों ने सरकार पर हमले तेज कर दिए और पारदर्शिता की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गए।सरकार की ओर से कहा गया है कि मामले में कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। वहीं जनभावनाओं को देखते हुए कॉलेज का नाम बदलने के फैसले को पीड़िता के प्रति सम्मान और संवेदना के रूप में देखा जा रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार सीबीआई जांच की मांग पर क्या रुख अपनाती है और आगे की जांच किस दिशा में बढ़ती है।




