गर्व का विषय, सम्मान का दिन: गणतंत्र दिवस परेड में चमोली के मनवर सिंह बने विशेष अतिथि

चमोली:बीता कल, 26 जनवरी 2026, चमोली जनपद के लिए गर्व और सम्मान का ऐतिहासिक दिन बन गया। नंदानगर क्षेत्र के प्रगतिशील किसान एवं सामाजिक नवाचारकर्ता मनवर सिंह को भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस परेड, कर्तव्य पथ (नई दिल्ली) में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। यह उपलब्धि न केवल मनवर सिंह की व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि चमोली के किसानों, ग्रामीण समुदाय और उत्तराखंड की कृषि नवाचार क्षमता की राष्ट्रीय पहचान भी है। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान मनवर सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनका अकेले का नहीं है, बल्कि उनकी पूरी टीम, साथ काम कर रहे सभी भाई-बहनों और उन 1700 किसानों का साझा सम्मान है, जिन्होंने इस परिवर्तनकारी यात्रा में कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया।
65 हजार पौधे, 1700 किसान और 26 ग्राम सभाएं
गत वर्ष नंदानगर क्षेत्र की 26 ग्राम सभाओं के किसानों के साथ मिलकर मनवर सिंह के नेतृत्व में एक व्यापक फलोद्यान विकास परियोजना को धरातल पर उतारा गया। इस अभियान में SGI फाउंडेशन, इंडस टावर तथा सुबोध प्रेम विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, गोपेश्वर का महत्वपूर्ण सहयोग रहा। सामूहिक प्रयासों के तहत लगभग 65,000 फलदार पौधों का सफल एवं सुरक्षित रोपण किया गया, जिससे क्षेत्र में 16 बड़े फलदार बगीचों का विकास संभव हुआ। यह परियोजना केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे किसानों की आय और आजीविका से जोड़ते हुए बहुआयामी स्वरूप दिया गया। जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए किसानों को सोलर फेंसिंग उपलब्ध कराई गई, जिससे वर्षों पुरानी इस बड़ी समस्या का प्रभावी समाधान हुआ। वहीं, इंटर क्रॉपिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पौधों के बीच सब्जी उत्पादन हेतु बीज वितरित किए गए। इससे किसानों को अल्पकालिक आय के साथ-साथ दीर्घकालिक बागवानी लाभ का मार्ग प्रशस्त हुआ।
सिंचाई के लिए 50 किमी HDP पाइप का वितरण
परियोजना की सफलता में उद्यान एवं कृषि विभाग की भूमिका भी सराहनीय रही। समय पर सिंचाई सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विभाग तथा SGI फाउंडेशन के सहयोग से किसानों को लगभग 50,000 मीटर (50 किलोमीटर) HDP पाइप वितरित किए गए। इससे बागवानी और खेती दोनों को मजबूती मिली और किसानों का उत्पादन स्तर बढ़ा। इन नवाचारपूर्ण, टिकाऊ और जनहितकारी प्रयासों को देखते हुए भारतीय कृषि कल्याण विभाग द्वारा मनवर सिंह को ‘किसान इनोवेटर’ के रूप में विशेष आमंत्रण पर दिल्ली बुलाया गया। इस दौरान उन्हें भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) का भ्रमण कराया गया, जहां कम भूमि में इंटीग्रेटेड फार्मिंग के सफल मॉडलों से रूबरू कराया गया। कार्यक्रम के दौरान देश के कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मनवर सिंह को उनके योगदान के लिए सम्मानित किया। यह सम्मान उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि और सामूहिक प्रयासों की सफलता का प्रतीक बनकर उभरा।
कर्तव्य पथ पर विशेष अतिथि बनने का गौरव
सम्मान के साथ-साथ मनवर सिंह को कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में विशेष अतिथि के रूप में शामिल होने का गौरव भी प्राप्त हुआ। देश की विविधता, शक्ति और प्रगति के इस राष्ट्रीय उत्सव में उनकी उपस्थिति चमोली और उत्तराखंड के लिए गर्व का क्षण रही। अपने अनुभव साझा करते हुए मनवर सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि उन्हें भविष्य में किसानों के लिए और बेहतर, नवाचारी तथा टिकाऊ मॉडल विकसित करने की प्रेरणा देगी। उन्होंने इस सम्मान के लिए कृषि एवं उद्यान विभाग, सहयोगी संस्थाओं, अपनी पूरी टीम और सभी किसान भाई-बहनों का हृदय से आभार व्यक्त किया।
चमोली से दिल्ली तक, एक प्रेरणादायक यात्रा
मनवर सिंह की यह यात्रा यह साबित करती है कि जब सामूहिक सोच, नवाचार और जनहित एक साथ आते हैं, तो पहाड़ों से भी राष्ट्रीय मंच तक पहुंचा जा सकता है। यह कहानी न केवल किसानों के लिए, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है—कि बदलाव संभव है, बस दिशा और संकल्प की जरूरत है।




