जिला अस्पताल बौराड़ी में लापरवाही का आरोप, मरीज की मौत के बाद हंगामा

नई टिहरी: नई टिहरी जनपद के जिला अस्पताल बौराड़ी से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां एंबुलेंस और ऑक्सीजन की कमी के चलते एक महिला मरीज की मौत हो जाने का आरोप परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लगाया है। घटना के बाद से ही अस्पताल परिसर में तनाव का माहौल है और पीड़ित परिजन धरने पर बैठे हुए हैं। अब इस धरने को नगर पालिका अध्यक्ष टिहरी मोहन सिंह रावत का भी समर्थन मिल गया है, जो स्वयं मौके पर पहुंचकर परिजनों के साथ धरने पर बैठ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, बीती रात नई टिहरी निवासी महिला रेखा देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। परिजन उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल बौराड़ी लेकर पहुंचे। प्राथमिक जांच के बाद चिकित्सकों ने महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बावजूद करीब डेढ़ घंटे तक एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इस दौरान परिजन इधर-उधर भटकते रहे। सूचना मिलने पर नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने रातभर संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया, जिसके बाद काफी देर से एंबुलेंस मिल पाई।
परिजनों का कहना है कि जब एंबुलेंस मिली तो उसमें लगा ऑक्सीजन सिलेंडर खाली था, जिसके कारण मरीज को रास्ते में ऑक्सीजन नहीं मिल सकी। हायर सेंटर ले जाते समय रास्ते में ही रेखा देवी ने दम तोड़ दिया। घटना से आक्रोशित परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिजनों का कहना है कि जिला अस्पताल अब सिर्फ शोपीस और रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, समय पर इलाज, एंबुलेंस और जरूरी सुविधाएं न मिलने से मरीजों की जान खतरे में पड़ रही है
जिला अस्पताल की बदहाल व्यवस्था को लेकर नगर पालिका अध्यक्ष मोहन सिंह रावत ने भी खुलकर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि एक जिला अस्पताल में एंबुलेंस और ऑक्सीजन जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जिला अस्पताल बौराड़ी के प्रभारी ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “पूरे मामले की जांच की जाएगी। यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति मुख्य चिकित्सा अधिकारी को भेजी जाएगी।” घटना के बाद से जिला अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन की नजर भी पूरे मामले पर बनी हुई है।
फिलहाल परिजन न्याय और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर डटे हुए हैं, जबकि यह मामला जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।




