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बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी के आरोपों से घिरे BKTC के निजी सचिव प्रमोद नौटियाल..

देहरादून: श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में वैयक्तिक सहायक के पद पर कार्यरत प्रमोद नौटियाल पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे और दान में कथित हेराफेरी के आरोप लगने के बाद मंदिर समिति ने मामले का संज्ञान लिया है।सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे आरोपों के बीच बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच के लिए समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण तलब किया गया है और स्पष्ट किया गया है कि जांच में कोई भी कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने कहा कि सोशल मीडिया पर बदरीनाथ धाम में चढ़ावे एवं दान में कथित हेराफेरी को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को समिति ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।पूरे मामले की निष्पक्ष एवं तथ्यपरक जांच के लिए जांच समिति गठित करने के आदेश दे दिए गए हैं। साथ ही संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद यदि कोई भी कर्मचारी दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल,सोशल मीडिया पर कई वर्षों से बीकेटीसी में कार्यरत वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल पर बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान और चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं।इस मामले को लेकर भैरव सेना के अध्यक्ष संदीप खत्री ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।आरोपों के वायरल होने के बाद बीकेटीसी प्रशासन हरकत में आया है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित उन दावों का भी खंडन किया, जिनमें प्रमोद नौटियाल को उनका “निजी सचिव” बताया जा रहा है।उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल उनके निजी सचिव नहीं हैं,बल्कि श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के नियमित सरकारी कर्मचारी हैं,जो पूर्व में भी समिति के तीन अध्यक्षों के साथ वैयक्तिक सहायक के रूप में कार्य कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।

उधर,बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि 2 जुलाई की शाम से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस प्रकरण के बाद प्राप्त कथित शिकायत के आधार पर बदरीनाथ मंदिर परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई गई।उन्होंने बताया कि उपलब्ध फुटेज पूरी तरह स्पष्ट नहीं हैं, फिर भी मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए इसकी जानकारी बीकेटीसी अध्यक्ष को दे दी गई है।

मुख्य कार्याधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष के निर्देशों के अनुपालन में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण लिया जा रहा है।साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए एक आंतरिक जांच समिति गठित करने संबंधी प्रस्ताव अध्यक्ष को भेजा गया है।समिति उपलब्ध साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संबंधित पक्षों के बयानों के आधार पर अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की अनियमितता या प्रतिकूल तथ्य सामने आते हैं तो श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति अधिनियम,1939 तथा कर्मचारी आचरण नियमावली के प्रावधानों के तहत दोषियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने कहा कि यह मामला करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र श्री बदरीनाथ धाम से जुड़ा है।इसलिए किसी भी आरोप की पुष्टि विधिवत जांच से पहले अपुष्ट और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार से बचना चाहिए।उन्होंने सभी से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए संयम बरतने की अपील की, ताकि पवित्र धाम की गरिमा और छवि पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

फिलहाल पूरे मामले में जांच समिति गठित किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

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