देवप्रयाग में शराब के ठेके को लेकर उबाल: महिलाओं का दूसरे दिन भी धरना, आबकारी अधिकारी को निलंबित करने की मांग

देवप्रयाग। गंगा के पावन संगम और प्रसिद्ध तीर्थनगरी देवप्रयाग में शराब के ठेके को लेकर जनआक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को दूसरे दिन भी बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण शराब के ठेके के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और ठेका हटाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में तहरीर भी दी।
सोमवार को भुईट गांव स्थित शराब के ठेके के बाहर बड़ी संख्या में महिलाएं एकत्रित हुईं और सरकार को सद्बुद्धि देने के लिए भजन-कीर्तन करते हुए धरना दिया। जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत के नेतृत्व में महिलाओं का प्रदर्शन पूरे दिन जारी रहा। महिलाओं ने आरोप लगाया कि सरकार एक ओर नशा मुक्त समाज का संदेश देती है, जबकि दूसरी ओर देवप्रयाग जैसे पवित्र तीर्थ क्षेत्र में शराब का ठेका खोलकर लोगों की भावनाओं को आहत कर रही है।
बताया जा रहा है कि रविवार रात को भी बारिश और कड़ाके की ठंड के बावजूद बुजुर्ग महिलाओं ने राजमार्ग पर धरना दिया और ठेका हटाने की मांग को लेकर विरोध जारी रखा। इसी बीच जिला आबकारी अधिकारी के.पी. सिंह द्वारा ठेके की वैधता पूछने पर पूर्व प्रधान डॉबरी नेत्र सिंह के साथ कथित अभद्रता करने का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों का गुस्सा और भड़क गया।
सोमवार को तहसीलदार मो. शादाब की मौजूदगी में गुस्साए ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और उन्हें तत्काल निलंबित करने की मांग की। वहीं ग्राम प्रधान संगठन के अध्यक्ष शिव सिंह चौहान ने थाना देवप्रयाग में जिला आबकारी अधिकारी के खिलाफ तहरीर देकर उचित कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। बावजूद इसके महिलाएं और ग्रामीण शांतिपूर्ण तरीके से ठेका हटाने की मांग को लेकर धरने पर डटे रहे।
धरना स्थल पर बोलते हुए महिला नेत्री पुष्पा रावत ने सरकार की आबकारी नीति पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “एक तरफ सरकार नशे के खिलाफ अभियान चलाती है और दूसरी ओर देवप्रयाग जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थ स्थल के प्रवेश द्वार पर ही शराब का ठेका खोल दिया गया है। ऋषिकेश में सात किलोमीटर के दायरे में शराब का ठेका नहीं खोला जा सकता, लेकिन गंगा तीर्थ देवप्रयाग में सभी मानकों को ताक पर रखकर मिनी सचिवालय और आवासीय क्षेत्र के पास ही ठेका खोल दिया गया है। उन्होंने कहा कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार देने के बजाय उन्हें शराब की ओर धकेला जा रहा है। साथ ही उन्होंने क्षेत्रीय विधायक और भाजपा कार्यकर्ताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “अब तय करना होगा कि तीर्थ क्षेत्र में जनता की आवाज चलेगी या शराब का ठेका।
धरने में ग्राम प्रधान संगठन अध्यक्ष शिव सिंह चौहान, युवा नेता त्रिभुवन चौहान, प्रमोद नारायण मेवाड़ गुरु, सीताराम रणाकोटी, राहुल कोटियाल, रघुवीर सिंह समेत बड़ी संख्या में महिलाएं—डीबली देवी, ममता देवी, सुनीता देवी, चिंता देवी, डूग्गी देवी, लक्ष्मी देवी और सरस्वती देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जब तक देवप्रयाग से शराब का ठेका नहीं हटाया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।




