गैरसैंण बजट सत्र: सरकार-विपक्ष में तीखी नोकझोंक, 12 विधेयक और 4 अध्यादेश पास

देहरादून। उत्तराखंड विधानसभा का बजट सत्र शनिवार को समाप्त हो गया। 9 मार्च से शुरू हुआ यह सत्र पांच दिनों तक चला, जिसमें कुल 41 घंटे 10 मिनट तक सदन की कार्यवाही हुई। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा के साथ 12 विधेयक और 4 अध्यादेशों को सदन की मंजूरी दी गई।
सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार, अवैध खनन, शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर सरकार को लगातार घेरने की कोशिश की, जबकि सरकार ने बजट को विकास और जनहितकारी बताते हुए अपनी योजनाओं का पक्ष रखा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट भाषण में सरकार की विकास योजनाओं का खाका पेश करते हुए इसे जनोपयोगी और विकासोन्मुख बजट बताया। सरकार का कहना था कि बजट में किसानों, महिलाओं, युवाओं और विभिन्न क्षेत्रों के लिए कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।
विपक्ष ने बजट और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर कई सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष Yashpal Arya ने कहा कि बजट में जनहित से जुड़े ठोस प्रावधान नहीं हैं और कई सवालों के स्पष्ट जवाब सरकार की ओर से नहीं दिए गए।
कांग्रेस और उक्रांद ने सदन के अंदर ही नहीं बल्कि बाहर भी प्रदर्शन कर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश की। विपक्ष ने अफसरशाही की मनमानी का मुद्दा भी जोर-शोर से उठाया।
सत्र के दौरान कई मौकों पर मंत्रियों और विपक्षी विधायकों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और संसदीय कार्यमंत्री सुबोध उनियाल पर विपक्ष ने कई सवाल उठाए।
वहीं कुपोषण को लेकर मंत्री सुबोध उनियाल की टिप्पणी पर विधायक काज़ी निजामुद्दीन ने आपत्ति जताते हुए इसे असंसदीय बताया। इसके अलावा मुन्ना सिंह चौहान और प्रीतम सिंह के बीच भी विवाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।
सत्र के दौरान अंकिता भंडारी हत्याकांड का मुद्दा भी सदन में उठा। विपक्ष ने इस मामले में सरकार को घेरते हुए कई सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, अनुपमा रावत और हरीश धामी ने मामले की जांच और कार्रवाई को लेकर सरकार से जवाब मांगा।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सत्र के दौरान विधायकों की गैरहाजिरी और व्यक्तिगत टिप्पणियों पर नाराजगी जताई। उन्होंने विशेषाधिकार हनन समेत कई मुद्दों पर विपक्ष को बोलने का अवसर दिया और सरकार को जवाब देने के लिए मजबूर किया।
बजट सत्र एक नजर में
सत्र की अवधि : 5 दिन
कुल कार्यवाही : 41 घंटे 10 मिनट
अल्पसूचित प्रश्न : 50
तारांकित प्रश्न : 545
उत्तर दिए गए प्रश्न : 291
मंजूर अध्यादेश : 4
पारित विधेयक : 12
सदन में पास हुए प्रमुख अध्यादेश
उत्तराखंड दुकान और स्थापना (रोजगार विनिमय और सेवा शर्त) संशोधन अध्यादेश 2025
उत्तराखंड जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) अध्यादेश 2025
उत्तराखंड समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश 2026
सदन में पारित प्रमुख विधेयक
उत्तराखंड दुकान और स्थापना (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड जन विश्वास (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2026
समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड भाषा संस्थान (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड देवभूमि परिवार विधेयक 2026
उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2026
उत्तराखंड सार्वजनिक द्यूत रोकथाम विधेयक 2026




