धामी कैबिनेट के बड़े फैसले: 27 प्रस्तावों पर मुहर, विकास और सुशासन को नई रफ्तार

उत्तराखंड में विकास को नई गति देने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 27 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों में शिक्षा, जलापूर्ति, निवेश, न्यायिक ढांचा, पर्यावरण और कृषि जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े सुधार शामिल हैं।
राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए UUSDA/UIDB में 14 नए पद सृजित किए जाएंगे।हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, शारदा रिवर फ्रंट, डाकपत्थर मास्टर प्लान जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को अब तेजी मिलेगी।साथ ही 11 नगर निगमों में पर्यावरण अभियंताओं की नियुक्ति से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन मजबूत होगा।देहरादून में GST अपीलीय अधिकरण की राज्य पीठ यथावत रहेगी, जबकि हल्द्वानी में नई सर्किट बेंच बनेगी।
रेप और POCSO Act मामलों के जल्द निपटारे के लिए 3 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।इसके अलावा न्यायालयों के लिए 14 कोर्ट मैनेजर पद भी स्वीकृत हुए हैं।“मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना” का विस्तार करते हुए 21 महाविद्यालयों को शामिल किया गया है।“स्वामी विवेकानन्द उत्तराखण्ड ई-पुस्तकालय योजना” के तहत छात्रों को डिजिटल लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी, जिसमें ई-बुक्स, जर्नल्स और मैगजीन उपलब्ध होंगी।उत्तराखंड दुकान एवं स्थापना (संशोधन) विधेयक 2026 को मंजूरी दी गई है, जिससे कामकाज के समय में लचीलापन आएगा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।साथ ही समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक और जन विश्वास विधेयक को भी हरी झंडी दी गई है, जिससे छोटे अपराधों को डी-क्रिमिनलाइज किया जाएगा।
राज्य में जलापूर्ति सुधार के लिए ₹1600 करोड़ की योजना को मंजूरी मिली है, जिसमें विश्व बैंक का सहयोग होगा। इसके साथ ही उपचारित जल के पुन: उपयोग के लिए नई नीति-2026 लागू की जाएगी। लोक वित्त को मजबूत करने के लिए ₹850 करोड़ की SPFM परियोजना भी स्वीकृत हुई है।सेब की आधुनिक नर्सरी योजना-2026 के तहत किसानों को 40–50% तक सब्सिडी दी जाएगी।“मौन पालन नीति-2026” से मधुमक्खी पालन को बढ़ावा मिलेगा और ‘उत्तराखंड शहद’ को ब्रांड बनाया जाएगा।“मुख्यमंत्री बाल पोषण योजना” और “महिला पोषण योजना” को और मजबूत किया गया है।आंगनबाड़ी के जरिए बच्चों और महिलाओं को अतिरिक्त पोषण मिलेगा
कुल मिलाकर, धामी सरकार के ये फैसले राज्य में विकास, रोजगार और सुशासन को नई दिशा देने वाले माने जा रहे हैं।अब देखना होगा कि इन योजनाओं का असर ज़मीनी स्तर पर कितनी तेजी से दिखाई देता है।




