सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ज्योति अधिकारी को बेल

हल्द्वानी : उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं के अपमान का आरोप, खुलेआम दराती लहराने का भी मामला सामने आया जब एक हल्द्वानी की सोशल मिडिया इन्फ्लुएंसर ने एक सभा को सम्बोधित करते हुए कुछ एसे शब्दों का इस्तमाल किया जिस से उन्हें जेल की यात्रा भी करनी पड़ी। आपको बता दें कि गुरुवार से ज्योति अधिकारी जेल में बंद हैं। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर राज्य में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, ज्योति अधिकारी पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की, साथ ही लोक देवताओं के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इतना ही नहीं, ज्योति अधिकारी पर खुलेआम दराती लहराने का भी आरोप लगा है, जिसे कानून व्यवस्था के लिए खतरा माना गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है। उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं के अपमान का आरोप, खुलेआम दराती लहराने का भी मामला सामने आया जब एक हल्द्वानी की सोशल मिडिया इन्फ्लुएंसर ने त्तराखंड से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। गुरुवार से ज्योति अधिकारी जेल में बंद हैं। उन पर उत्तराखंड की महिलाओं और लोक देवताओं के अपमान का गंभीर आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर राज्य में भारी नाराज़गी देखी जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, ज्योति अधिकारी पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से उत्तराखंड की सांस्कृतिक मान्यताओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है। आरोप है कि उन्होंने उत्तराखंड की महिलाओं के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी की, साथ ही लोक देवताओं के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
इतना ही नहीं, ज्योति अधिकारी पर खुलेआम दराती लहराने का भी आरोप लगा है, जिसे कानून व्यवस्था के लिए खतरा माना गया। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था।
शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार किया और न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अधिकारियों का कहना है कि कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की कड़ी नजर बनी हुई है।




