SSC भर्ती परीक्षा में हाईटेक नकल गिरोह का भंडाफोड़, देहरादून में अंडरग्राउंड कंट्रोल रूम से हो रही थी रिमोट चीटिंग ….दो गिरफ्तार

देहरादून | प्रदेश में लागू सख्त नकल विरोधी कानून के बावजूद नकल माफिया अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामले में Staff Selection Commission (SSC) की भर्ती परीक्षा के दौरान एक संगठित हाईटेक नकल गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। यह कार्रवाई 13 फरवरी 2026 को आयोजित SSC परीक्षा — Central Board of Indirect Taxes and Customs (CBIC) और Central Bureau of Narcotics (CBN) पदों की भर्ती प्रक्रिया — के दौरान सामने आई। संयुक्त ऑपरेशन में uttarakhand STF और Uttar Pradesh STF ने दो आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया, जो आधुनिक तकनीक के माध्यम से परीक्षार्थियों के कंप्यूटर सिस्टम को रिमोट एक्सेस कर प्रश्नपत्र हल करवा रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक STF नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, खुफिया सूचना के आधार पर टीम ने देहरादून स्थित महादेव डिजिटल ज़ोन, एमकेपी इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान परीक्षा लैब के पास बने UPS रूम में लगभग 24×24 इंच का एक गुप्त अंडरग्राउंड चैंबर पाया गया, जिसमें दो लैपटॉप, राउटर, नेटवर्किंग डिवाइस और केबल सिस्टम पूरी तरह ऑटोमैटिक मोड में सक्रिय थे। जांच में सामने आया कि यह पूरा सिस्टम कहीं दूर से रिमोटली ऑपरेट किया जा रहा था, जिसके जरिए परीक्षा में बैठे अभ्यर्थियों के कंप्यूटर पर सीधे उत्तर भरे जा रहे थे। STF टीम ने तकनीकी व फॉरेंसिक उपकरणों की मदद से पूरे सिस्टम को जब्त कर सील कर दिया, साथ ही परीक्षा केंद्र को भी सील किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि यह गिरोह प्रत्येक अभ्यर्थी से करीब 10 लाख रुपये लेकर परीक्षा पास कराने की गारंटी देता था। इसके लिए हाईटेक रिमोट एक्सेस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस ने जिन दो लोगों को पकड़ा है, उनके नाम है नीतिश कुमार, पुत्र चन्द्रभान गौड़, निवासी – भाटपार रानी, देवरिया (उत्तर प्रदेश) वर्तमान पता नागलोई, दिल्ली, भास्कर नैथानी, पुत्र दिनेश चन्द्र नैथानी निवासी – नथुवावाला, देहरादून
यह ऑपरेशन STF पुलिस महानिरीक्षक डॉ. नीलेश आनंद भरणे के निर्देश पर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर के नेतृत्व तथा पुलिस उपाधीक्षक आर.बी. चमोला के पर्यवेक्षण में अंजाम दिया गया।गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित कर दी गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी जारी है।
यह कार्रवाई प्रदेश में लागू नकल विरोधी कानून की प्रभावशीलता का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है। उत्तराखंड STF ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। यह मामला न केवल परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर सवाल था, बल्कि युवाओं के भविष्य से जुड़े संगठित अपराध का भी बड़ा उदाहरण है — जिस पर अब निर्णायक प्रहार किया गया है।


