पौड़ी में गुलदार का आतंक: 48 वर्षीय व्यक्ति को बनाया निवाला, गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग कर्मियों को बनाया बंधक

पौड़ी: उत्तराखंड के पौड़ी जिले में गुलदार का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ताजा मामला कोट ब्लॉक के बलमणा गांव से सामने आया है, जहां सोमवार देर शाम गुलदार के हमले में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, जबकि ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।मृतक की पहचान प्रकाश लाल (45 वर्ष) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम गुलदार ने अचानक प्रकाश लाल पर हमला कर दिया। हमले के बाद गुलदार उन्हें अपना शिकार बनाकर शव को सड़क से नीचे घसीटकर ले गया।घटना की जानकारी मंगलवार सुबह तब मिली जब ग्रामीणों ने आसपास खोजबीन की। इसके बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया और लोगों में दहशत फैल गई।घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने मौके पर पहुंची वन विभाग और प्रशासन की टीम को पंचायत भवन के एक कमरे में बंद कर दिया और जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिसकी सूचना कई बार वन विभाग को दी गई, लेकिन विभाग ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। गुलदार के इस हमले के बाद गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि लोग अब घर से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। सबसे बड़ी चिंता बच्चों की सुरक्षा को लेकर है, क्योंकि अब बच्चों का स्कूल जाना भी परिवारों के लिए चिंता का विषय बन गया है ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में तुरंत शूटर तैनात किया जाए, ताकि गुलदार को पकड़ा या मार गिराया जा सके और लोगों को इस खौफ से राहत मिल सके। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई है। महातिम यादव ने बताया कि वह स्वयं मौके पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि गुलदार ने एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। विभाग ग्रामीणों की समस्याएं सुन रहा है और जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। बता दें कि जनवरी 2026 में भी पौड़ी जिले के बाड़ा गांव में गुलदार ने नेपाली मूल के एक व्यक्ति को अपना शिकार बना लिया था। उस समय भी स्थानीय लोगों ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया था और गुलदार के आतंक से निजात दिलाने की मांग की थी। लगातार बढ़ रहे गुलदार के हमलों ने पहाड़ी क्षेत्रों में लोगों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में ग्रामीणों का कहना है कि जब तक वन विभाग ठोस और प्रभावी कदम नहीं उठाएगा, तब तक लोगों को इस खतरे से राहत मिलना मुश्किल है।



