
हरिद्वार:
उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और साइबर क्राइम यूनिट ने एक बड़े संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए “म्यूल अकाउंट” उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह भोले-भाले लोगों को झांसे में लेकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और फिर उन्हीं खातों के जरिए देशभर में साइबर ठगी के पैसों का लेनदेन करता था।
STF ने हरिद्वार में कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी STF अजय सिंह के अनुसार, आरोपी पहले लोगों को लालच देकर उनके नाम पर फर्जी फर्म तैयार करते थे और उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंकों में करंट/कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाते थे, जिन्हें बाद में दिल्ली के साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। इन खातों के जरिए अलग-अलग राज्यों के पीड़ितों से ठगी गई लाखों रुपये की रकम ट्रांजैक्ट की जाती थी और गिरोह इसके बदले मोटा कमीशन वसूलता था। जांच में यह भी सामने आया है कि इन खातों के खिलाफ NCRP पोर्टल पर कई शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
STF ने हरिद्वार में छापेमारी कर तीन आरोपियों रवि (31 वर्ष), राजन चौधरी (35 वर्ष) और विनीत राणा (25 वर्ष) को गिरफ्तार किया। इस मामले में साइबर थाना देहरादून में मु0अ0सं0 22/2026 के तहत धारा 111, 318(4), 61(2) BNS और 66D IT Act में मुकदमा दर्ज किया गया है।संगठित अपराध के इस नेटवर्क को देखते हुए उत्तराखंड में पहली बार धारा 111 का प्रयोग किया गया है।STF अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है और आने वाले समय में और बड़े खुलासे होने की संभावना है।




