
चमोली/ज्योतिर्मठ:
चमोली जिले में एक निजी भवन में कथित रूप से मदरसा संचालन के आरोपों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।इस मामले को लेकर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने जोशीमठ में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस को एक ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि जोशीमठ क्षेत्र में एक निजी भवन में बिना किसी वैध अनुमति के बच्चों को उर्दू और धार्मिक शिक्षा दी जा रही थी। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियां नियमों के खिलाफ हैं और इससे क्षेत्र में असंतोष का माहौल बन सकता है।
विरोध कर रहे लोगों का यह भी कहना है कि यदि किसी भी प्रकार की शैक्षणिक या धार्मिक संस्था चलाई जाती है, तो उसके लिए संबंधित विभागों से अनुमति लेना अनिवार्य होता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे मामलों में सख्ती बरती जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जाए।
वहीं, इस मामले में संबंधित भवन से जुड़े शिक्षक ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि वहां किसी प्रकार का मदरसा संचालित नहीं किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भवन में केवल नमाज अदा की जाती है और कभी-कभी आसपास के बच्चे उर्दू सीखने के लिए आ जाते हैं। उन्होंने इसे एक सामान्य धार्मिक और शैक्षिक गतिविधि बताया और किसी भी अवैध कार्य से इनकार किया।
इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन ने भी संज्ञान लिया है। अधिकारियों ने बताया कि उन्हें इस संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है और मामले की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे,उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है और लोग प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन सतर्क नजर आ रहा है और किसी भी प्रकार की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए जरूरी कदम उठाने की बात कही जा रही है।




