श्रीनगर में अनोखी घटना: कोतवाल को ही दिया गया कोतवाल के खिलाफ शिकायत पत्र

श्रीनगर: श्रीनगर में एक बेहद दुर्लभ और चर्चित मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय समाज और प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। उत्तराखंड क्रांति दल की नेता सरस्वती देवी ने हाल ही में एक शिकायत पत्र को सीधे कोतवाल को सौंपा, जिसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई और माफी की मांग की। बीते दिन श्रीनगर में लाठीचार्ज की घटना हुई थी, जिसमें आम जनता के साथ-साथ राजनीतिक कार्यकर्ताओं में भी आक्रोश देखा गया। इस घटना को लेकर सरस्वती देवी ने तत्काल प्रतिक्रिया दी और उन्होंने महसूस किया कि पुलिस की कार्रवाई अनुचित और अत्यधिक कठोर रही।
उत्तराखंड क्रांति दल की नेता सरस्वती देवी ने अपना पत्र कोतवाल को व्यक्तिगत रूप से सौंपा। पत्र में उन्होंने लिखा कि पुलिस की कार्रवाई ने जनता की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और इस तरह की कठोर कार्रवाई से क्षेत्र में असंतोष फैल सकता है। साथ ही उन्होंने कोतवाल से इस घटना के लिए माफी की मांग की। इस अनोखे कदम पर कोतवाल ने पत्र को विधिवत स्वीकार कर लिया। कोतवाल ने इस पत्र को गंभीरता से लिया और आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
यह कदम स्थानीय लोगों और राजनीतिक जगत में चर्चा का विषय बन गया है। आमतौर पर शिकायत पत्र प्रशासन या उच्च अधिकारियों को भेजा जाता है, लेकिन इस मामले में कोतवाल को ही कोतवाल के खिलाफ शिकायत पत्र देना एक असामान्य और अनोखा दृष्टांत बन गया। यह स्थिति उत्तराखंड की राजनीतिक सक्रियता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिक अधिकारों की गंभीरता को भी दर्शाती है।
सरस्वती देवी के इस कदम को स्थानीय मीडिया और सोशल मीडिया पर भी बड़ी चर्चा मिल रही है। कई लोगों ने इसे साहसिक और लोकतांत्रिक दृष्टि से प्रेरक कदम बताया है, जबकि कुछ लोगों ने प्रशासनिक दृष्टिकोण से इसे असामान्य बताया है।




