बारामती में कथित प्लेन क्रैश, उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सवार होने की सूचना

बारामती : महाराष्ट्र के बारामती तालुका से इस वक्त एक बेहद सनसनीखेज और राजनीतिक रूप से झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बारामती क्षेत्र में एक छोटा विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। इस विमान में एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के सवार होने की सूचना मिल रही है। कुछ अपुष्ट सूत्रों द्वारा इस हादसे में अजित पवार के निधन की बात कही जा रही है, हालांकि अब तक न तो राज्य सरकार और न ही प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और राहत-बचाव दल पहुंच चुके हैं।
चुनावी कार्यक्रम के दौरान हुआ हादसा!
यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब उपमुख्यमंत्री अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी 2026 को बारामती तालुका में जिला परिषद और पंचायत समिति चुनाव प्रचार के तहत कई जनसभाओं को संबोधित करने वाले थे।
बताया जा रहा है कि वह चुनावी कार्यक्रमों के सिलसिले में ही यात्रा पर थे। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, दुर्घटना स्थल को सील कर दिया गया है स्थानीय लोगों की भीड़ को हटाया जा रहा है फायर ब्रिगेड और मेडिकल टीमें अलर्ट पर हैं
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति का ऐसा नाम रहे हैं, जिनका कद विवादों, सत्ता संघर्ष और प्रशासनिक पकड़—तीनों से जुड़ा रहा है।अजित अनंतराव पवार का जन्म 22 जुलाई 1959, देवलाली प्रवरा, अहमदनगर में हुआ था. वह महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद पर रहे। पिछले वर्ष उन्होंने अपने चाचा शरद पवार से अलग राह चुनते हुए भाजपा-शिवसेना गठबंधन सरकार को समर्थन दिया और डिप्टी सीएम बने।
बहुत कम लोग जानते हैं कि अजित पवार का रिश्ता सिर्फ राजनीति से नहीं, बल्कि फिल्मी दुनिया से भी जुड़ सकता था। उनके पिता अनंतराव पवार , मशहूर निर्देशक वी. शांताराम के साथ राजकमल स्टूडियो में काम कर चुके थे अगर अजित पवार अपने पिता के रास्ते पर चलते, तो शायद वह कैमरे के पीछे या पर्दे पर एक जाना-पहचाना नाम होते। लेकिन उन्होंने राजनीति को ही अपना भाग्य लिखा।
मुख्यमंत्री बनने का सपना
राजनीतिक गलियारों में अजित पवार को हमेशा एक महत्वाकांक्षी और मुखर नेता माना गया। 2009 के बाद डिप्टी सीएम न बनाए जाने से नाराजगी , 2010 में छगन भुजबल की जगह डिप्टी सीएम बने, तत्कालीन सीएम पृथ्वीराज चव्हाण से खुले मतभेद रहा उनकी नजर हमेशा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद पर रही।
गन्ना सहकारी समितियों से सत्ता तक
अजित पवार की राजनीति की शुरुआत गन्ना सहकारी आंदोलन से हुई।1991: बारामती से सांसद बने , 6 महीने बाद सांसद पद छोड़ा, विधानसभा चुनाव जीतकर राज्य राजनीति में सक्रिय, 1999: एनसीपी गठन के साथ पार्टी में अहम भूमिका , 40 साल की उम्र में वह महाराष्ट्र के सबसे युवा कैबिनेट मंत्री बने। सिंचाई मंत्री रहते हुए उन्होंने करीब 10 साल तक विभाग संभाला, हालांकि बाद में इसी विभाग से जुड़े कथित घोटालों को लेकर विवाद भी सामने आए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शरद पवार के बड़े भाई वसंतराव पवार की मौत गन्ने की फसल लूटने आए डकैतों से मुठभेड़ में हुई थी. काटेवाडी के पादरे इलाके में आज भी उनका स्मारक मौजूद है




