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देहरादून गोलीकांड:देर रात दो भाइयों का पुलिस ने किया एनकाउंटर

देहरादून(12 फ़रवरी 2025)

बीते दिन देहरादून के तिब्बती मार्केट में दिनदहाड़े हुई अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक अर्जुन शर्मा की हत्या ने पूरे शहर को झकझोर दिया। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे, टेनिस खेलकर लौट रहे अर्जुन शर्मा सड़क किनारे अनन्नास खरीद रहे थे, तभी दो स्कूटी सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सीने में गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई और इलाके में दहशत फैल गई।

वारदात के कुछ ही घंटों बाद देहरादून पुलिस ने तेजी दिखाते हुए मुख्य आरोपी राजू राणा और पंकज राणा (दोनों सगे भाई) को देर रात एनकाउंटर में दबोच लिया। मुठभेड़ के दौरान दोनों ने पुलिस पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में उनके पैरों में गोली लगी। घायल अवस्था में उन्हें तत्काल कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

एसएसपी अजय सिंह के अनुसार यह हत्या कॉन्ट्रैक्ट किलिंग का मामला है। दोनों आरोपी पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर क्षेत्र के रहने वाले हैं। राजू राणा का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है,वह पहले अपने पिता की हत्या के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस अब दोनों भाइयों के आपराधिक नेटवर्क, संभावित गैंग लिंकेज और हत्या के लिए दिए गए कॉन्ट्रैक्ट की रकम की गहन जांच कर रही है।

मामले ने पारिवारिक विवाद का एंगल भी जोड़ दिया है। मृतक की पत्नी अभिलाषा शर्मा ने करीब 42 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर अपनी सास बीना शर्मा, कुछ परिजनों और बाहरी लोगों पर साजिश का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि अर्जुन शर्मा ने पहले भी जान का खतरा बताते हुए पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाईलेवल मीटिंग कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।एसएसपी के नेतृत्व में स्पेशल ऑपरेशन टीम ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और खुफिया इनपुट के आधार पर आरोपियों को ट्रैक किया।सूचना मिली कि दोनों भाई देहरादून के जंगली इलाके में छिपे हैं, जहां पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई।

अस्पताल में ही दोनों से पूछताछ शुरू हो चुकी है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही हत्या के पीछे मास्टरमाइंड और पूरी साजिश का खुलासा होगा। हाल के महीनों में बढ़ते अपराध के बीच यह एनकाउंटर पुलिस के “जीरो टॉलरेंस” रुख को दर्शाता है, हालांकि कुछ सामाजिक संगठनों और विपक्षी दलों ने मुठभेड़ की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई है।

देहरादून की सड़कों पर दिनदहाड़े हुई यह हत्या न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी बताती है कि शहर में अपराध का तंत्र कितना संगठित हो चुका है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की जांच और इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के असली सूत्रधार पर टिकी है।

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