
देहरादून: राजधानी देहरादून के रायपुर थाने की हवालात में पीआरडी कर्मी सुनील रतूड़ी की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद तस्वीर कुछ हद तक साफ हुई है,लेकिन जांच अभी जारी है।चिकित्सकों की रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी (हैंगिंग) बताया गया है,जिससे शुरुआती तौर पर पुलिस की उस थ्योरी को बल मिला है,जिसमें कहा गया था कि रतूड़ी ने हवालात में कंबल फाड़कर फंदा बनाया और घुटनों के बल झूलकर आत्महत्या कर ली।हालांकि,परिजनों ने इस पर असहमति जताते हुए पुलिस पर ज्यादती के गंभीर आरोप लगाए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने रायपुर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है, जबकि मातम के माहौल में अमर्यादित व्यवहार करने के आरोप में दरोगा कृष्ण कुमार सिंह को निलंबित किया गया है। पुलिस ने एहतियातन बिसरा सुरक्षित रखकर फोरेंसिक जांच के लिए भेजने का फैसला किया है, ताकि मौत के कारणों की और स्पष्टता हो सके। साथ ही पूरे प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच भी कराई जाएगी।
जानकारी के अनुसार, 45 वर्षीय सुनील रतूड़ी पीआरडी में तैनात थे और घटना से पहले उन्हें पुलिस ने झगड़े और ड्रिंक एंड ड्राइव के आरोप में हिरासत में लिया था। बताया गया कि वह नशे की हालत में एक पेट्रोल पंप पर नकली पिस्टल दिखाकर कर्मचारियों को धमका रहे थे, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें थाने लाकर हवालात में बंद कर दिया। इसी दौरान उन्होंने कथित रूप से आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे थाने में हड़कंप मच गया।
फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी की पुष्टि होने के बावजूद, परिजनों की शंकाओं और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच के सभी पहलुओं को खुला रखा है और आगे की कार्रवाई फोरेंसिक रिपोर्ट व मजिस्ट्रेटी जांच के आधार पर की जाएगी।




