पौड़ी पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार, गांजा तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य सरगना सहित 3 गिरफ्तार

पौड़ी। उत्तराखण्ड को नशामुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पौड़ी पुलिस लगातार नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है, जिसमें गांजा तस्करी से जुड़े एक संगठित गिरोह का खुलासा करते हुए मुख्य सरगना सहित तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी श्री सर्वेश पंवार के निर्देशन में जनपद के सभी थाना प्रभारियों को नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार श्री मनोज कुमार ठाकुर एवं क्षेत्राधिकारी कोटद्वार श्रीमती निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में कोतवाली लैंसडाउन पुलिस और सीआईयू टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। 12 मार्च 2026 को सघन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने दो संदिग्ध वाहनों को रोका, जिनकी तलाशी लेने पर कुल 89.81 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। इस मामले में पहले ही दो अभियुक्तों यशवंत सिंह और लव कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है, जबकि तस्करी में प्रयुक्त वाहनों को भी सीज कर दिया गया था।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ में पता चला कि यह गांजा मुरादाबाद निवासी महिपाल सिंह के कहने पर लाया जा रहा था। इसके बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और तकनीकी व भौतिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया। जांच के दौरान सामने आया कि महिपाल सिंह इस पूरे तस्करी गिरोह का मुख्य सरगना है, जिसने गांजे की खेप मंगवाई थी। वहीं बिट्टू सैनी ने अपनी कार तस्करी के लिए उपलब्ध कराई थी और राजेन्द्र सिंह ने पैसों के बदले गांजा उपलब्ध कराया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों अभियुक्तों—महिपाल सिंह (21 वर्ष), बिट्टू सैनी (26 वर्ष) निवासी रतूपुरा, जनपद मुरादाबाद (उ.प्र.) और राजेन्द्र सिंह (49 वर्ष) निवासी नन्दानगर, जनपद चमोली—को गिरफ्तार कर लिया है।
बताया जा रहा है कि राजेन्द्र सिंह के खिलाफ पहले भी हरिद्वार जिले के श्यामपुर थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज है। अन्य अभियुक्तों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान के लिए भी लगातार जांच जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनपद में नशा तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और इस तरह के अभियानों को आगे भी लगातार जारी रखा जाएगा।




