उत्तराखंड UCC में बड़े संशोधन को कैबिनेट की मंजूरी, पहचान छुपाकर की गई शादी होगी अमान्य

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में अहम संशोधनों को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। संशोधनों के तहत अब पहचान छुपाकर किया गया विवाह यूसीसी के अंतर्गत अमान्य माना जाएगा और ऐसे मामलों में न्यायालय में मुकदमा चलेगा। अब तक यूसीसी में इस तरह का कोई स्पष्ट प्रावधान नहीं था। सरकार का कहना है कि यह फैसला विवाह व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और धोखाधड़ी रोकने की दिशा में एक बड़ा कदम है| शोधित प्रावधानों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपनी वास्तविक पहचान छुपाकर विवाह करता है, तो वह विवाह कानूनन वैध नहीं होगा। साथ ही पीड़ित पक्ष को अदालत में जाने और न्याय पाने का पूरा अधिकार मिलेगा।
प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े बदलाव
कैबिनेट ने यूसीसी से जुड़े प्रशासनिक ढांचे में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए हैं। अब तक केवल सचिव स्तर के अधिकारी ही रजिस्ट्रार जनरल बनाए जा सकते थे, लेकिन नए संशोधन के बाद अपर सचिव स्तर के अधिकारी भी इस पद के लिए पात्र होंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक सुचारू होगी और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आएगी। यूसीसी के तहत अपील व्यवस्था को भी सरल बनाया गया है। अब सब-रजिस्ट्रार को भी अपील सुनने का अधिकार दिया गया है। पहले यह अधिकार केवल रजिस्ट्रार के पास था। इस बदलाव से आम नागरिकों को स्थानीय स्तर पर ही न्याय मिलने की उम्मीद है और उच्च अधिकारियों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।
पिछले साल लागू हुआ था यूसीसी
गौरतलब है कि उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता को 27 जनवरी 2024 को लागू किया गया था। इसके बाद समय-समय पर इसमें संशोधन किए जाते रहे हैं। हाल ही में प्रस्तावित एक संशोधन में लिपिकीय और तकनीकी त्रुटियां पाए जाने पर राजभवन ने उसे वापस कर दिया था, जिन्हें अब दूर कर लिया गया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन संशोधित प्रावधानों को लागू करने के लिए अध्यादेश लाया जाएगा, जिसे आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा। सरकार का दावा है कि ये संशोधन यूसीसी को और अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और न्यायसंगत बनाएंगे तथा समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करेंगे।




