
देहरादून:राजधानी देहरादून के रायपुर थाने में हवालात के भीतर पीआरडी कर्मी सुनील रतूड़ी की बीते दिन हुई संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामलें में रायपुर थाने के थानाध्यक्ष सहित पुलिसकर्मियों के ऊपर गाज गिरी हैं।मृतक सुनील मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय देहरादून में क्लर्क पद पर तैनात थे।घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) प्रमेंद्र डोबाल ने तत्काल कार्रवाई करते हुए रायपुर थानाध्यक्ष गिरीश नेगी सहित चार पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए की गई है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार,लाडपुर स्थित एक पेट्रोल पंप से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति शराब के नशे में पेट्रोल भराने के बाद पैसे नहीं दे रहा और कर्मचारियों से अभद्रता कर रहा है।सूचना पर पहुंची चीता पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। पूछताछ में उसने अपना नाम सुनील रतूड़ी निवासी पीआरडी कॉलोनी, तपोवन रोड,देहरादून बताया।
पुलिस के अनुसार,आरोपी ने थाने में भी हंगामा किया और समझाने के बावजूद शांत नहीं हुआ।इस दौरान उसके एक परिचित को जमानत के लिए बुलाया गया,लेकिन वह बिना किसी स्पष्ट जवाब के वापस चला गया।इसके बाद सुनील रतूड़ी को धारा 185/207 मोटर वाहन अधिनियम के तहत गिरफ्तार कर हवालात में बंद कर दिया गया।
कुछ समय बाद जब ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी ने हवालात की जांच की,तो सुनील रतूड़ी बेहोश अवस्था में मिला।उसे तुरंत कोरोनेशन अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को अवगत कराया गया।मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिए गए हैं।साथ ही, शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ कराया जाएगा,ताकि मौत के कारणों का स्पष्ट पता चल सके।वहीं देर रात तक मृतक सुनील के परिजनों के द्वारा कोरोनेशन अस्पताल में हंगामा जारी था।परिजनों का कहना है कि सुनील ने आत्महत्या नहीं बल्कि पुलिस कस्टडी में उसकी हत्या की गई हैं।




