
देहरादून:ब्यूरों
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने “ऑपरेशन RAGEPILL” के तहत उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रतिबंधित ‘कैप्टागन’ ड्रग बनाने वाली फैक्ट्री का खुलासा किया है। सहसपुर क्षेत्र स्थित ग्रीन हर्बल फैक्ट्री के मालिक को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि फैक्ट्री में अवैध रूप से ‘कैप्टागन’ टैबलेट तैयार की जा रही थीं।
एनसीबी के अनुसार, इससे पहले दिल्ली से गिरफ्तार किए गए एक सीरियाई नागरिक से पूछताछ में इस फैक्ट्री का पता चला। आरोपी ने खुलासा किया कि नवंबर 2025 में देहरादून स्थित फैक्ट्री में उसने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर कैप्टागन टैबलेट तैयार की थीं। इसके बाद एनसीबी ने फैक्ट्री में छापा मारकर भारी मात्रा में ड्रग्स और मशीनरी बरामद की।
कार्रवाई के दौरान करीब 227.2 किलोग्राम कैप्टागन टैबलेट और पाउडर जब्त किया गया। फैक्ट्री में टैबलेट निर्माण, कैप्सूल फिलिंग, कोटिंग और पैकेजिंग से जुड़ी आधुनिक मशीनें लगी मिलीं। साथ ही बड़ी मात्रा में रसायन, कच्चा माल और पैकेजिंग सामग्री भी बरामद हुई।
जांच में यह भी सामने आया कि फैक्ट्री मालिक अपनी जगह का इस्तेमाल अवैध ड्रग निर्माण के लिए कराने के बदले प्रतिदिन करीब 50 हजार रुपये लेता था। आरोपी का नाम पहले भी नशे से जुड़े मामलों में सामने आ चुका है और उस पर NCB व उत्तराखंड पुलिस की जांच चल रही है।
बताया जा रहा है कि ‘कैप्टागन’ एक प्रतिबंधित सिंथेटिक ड्रग है, जिसे कभी मेडिकल उपयोग के लिए बनाया गया था, लेकिन इसकी लत और दुरुपयोग के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैन कर दिया गया। अवैध बाजार में बिकने वाली टैबलेट्स में एम्फैटिमिन, कैफीन और अन्य खतरनाक रसायनों का मिश्रण पाया जाता है।फिलहाल मामले में दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच जारी है।




