
लोहाघाट/चंपावत।
लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में उपचार के दौरान 76 वर्षीय नंदा देवी,निवासी सुई पऊ (लोहाघाट),की मौत के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है,जबकि मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है।
मृतका के पुत्र राजेश कुमार का आरोप है कि उनकी मां ऑक्सीजन सपोर्ट पर थीं।सुबह बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद ऑक्सीजन सप्लाई बंद हो गई।उन्होंने अस्पताल कर्मियों से जनरेटर चलाने का आग्रह किया,लेकिन उन्हें इधर-उधर भेजा गया और बताया गया कि जनरेटर में तेल नहीं है।उनका आरोप है कि समय पर ऑक्सीजन उपलब्ध न होने के कारण उनकी मां की मौत हो गई।उन्होंने यह भी कहा कि उपचार के दौरान चिकित्सकों की ओर से भी लापरवाही बरती गई।
घटना की जानकारी मिलते ही लोहाघाट के कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी अस्पताल पहुंचे।उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में अस्पताल की स्थिति बदहाल है और जनरेटर में तेल तक उपलब्ध नहीं होने से मरीजों की जान जा रही है।विधायक ने यह भी कहा कि अस्पताल में मरीजों को दवाइयां तक बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं और सरकार केवल विकास के दावे कर रही है।
वहीं भाजपा नेताओं ने विधायक के आरोपों को राजनीतिक करार देते हुए कहा कि मृतका पहले से गंभीर रूप से बीमार थीं।उनका कहना है कि अस्पताल के जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल उपलब्ध था और जनरेटर चालू स्थिति में था।हालांकि,उन्होंने स्वीकार किया कि एक कर्मचारी की लापरवाही के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई।भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विधायक इस घटना का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास कर रहे हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी चंपावत मनीष कुमार ने तत्काल संज्ञान लिया।उनके निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी,एसडीएम समेत प्रशासनिक अधिकारियों की टीम अस्पताल पहुंची और पूरे मामले की जांच की।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने कहा कि प्रारंभिक जांच में अस्पताल के एक कर्मचारी की लापरवाही सामने आई है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अस्पताल में दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता है तथा चिकित्सकों द्वारा मरीज को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा था।
फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था और लापरवाही की जिम्मेदारी किस पर तय होगी।




