GEN-G की नाराज़गी तो नहीं?छात्रसंघ चुनावों में ABVP को कई कॉलेजों में झटका,NSUI और निर्दलीयों का दबदबा

देहरादून: उत्तराखंड के महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव के नतीजों ने इस बार छात्र संगठनों के समीकरणों को बदलने के संकेत दिए हैं। गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक कई प्रमुख कॉलेजों में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा है।वहीं NSUI और निर्दलीय प्रत्याशियों ने कई अहम सीटों पर जीत दर्ज की है।
प्रदेश के सर्वाधिक छात्र संख्या वाले डीएवी पीजी कॉलेज देहरादून में ABVP के प्रत्याशी नवदीप राणा ने NSUI प्रत्याशी को मामूली मतों के अंतर से हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।हालांकि,देहरादून के DBS कॉलेज में तस्वीर इसके उलट रही।यहां NSUI के अभिनव काफलिया ने ABVP प्रत्याशी अभिषेक नेगी को शिकस्त दी,ऋषिकेश में भी ऋषिकेश में भी विद्यार्थी परिषद को हार का सामना करना पड़ा,जहां निर्दलीय प्रत्याशी वैभव रावत ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
कुमाऊं के हल्द्वानी स्थित एमपीपीजी कॉलेज में भी ABVP को झटका लगा।यहां ABVP प्रत्याशी धीरज बिष्ट को निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल ने हरा दिया वहीं अल्मोड़ा के सोबन सिंह जीना महाविद्यालय में ABVP के रोहित सिंह कुमल्टा ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।
नैनीताल के डीएसबी कॉलेज में निर्दलीय प्रत्याशी भानू प्रताप चौहान ने ABVP के शुभम कुमार को हराया।भानू प्रताप चौहान अपनी मां के दाखिले को लेकर पहले भी चर्चाओं में रहे थे।चंपावत के सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय कैंपस में ABVP प्रत्याशी सागर मौनी को निर्दलीय प्रत्याशी भानु तड़ागी ने शिकस्त दी। रामनगर के पीएनजी पीजी कॉलेज में भी निर्दलीय नीरज कंडारी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।वहीं श्रीनगर गढ़वाल के केंद्रीय विश्वविद्यालय में इससे पहले जय हो संगठन के प्रत्याशी अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज कर चुके हैं,और सचिव पद पर NSUI ही विजेता रही है।
छात्रसंघ चुनावों में मंत्री सुबोध उनियाल के विधानसभा क्षेत्र से भी NSUI के लिए बड़ी खबर सामने आई है।यहां NSUI प्रत्याशी आयुष रावत ने ABVP के हिमांशु जोशी को कड़ी टक्कर में हराकर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कॉलेज के अन्य प्रमुख पदों पर भी NSUI प्रत्याशियों ने जीत हासिल की है।वहीं घनसाली के बालगंगा महाविद्यालय में भी NSUI ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की है।यहां NSUI की प्रियांसी विजयी रहीं।थत्यूड़ डिग्री कॉलेज में मुकाबला बेहद करीबी रहा।यहां ABVP के आशीष नेगी महज एक मत के अंतर से अध्यक्ष पद पर विजयी हुए।चमोली के सबसे अधिक छात्र संख्या में भी ABVP को करारी हार मिली है,यहाँ अध्यक्ष पद पर किशन बर्तवाल सहित सभी सीटें की झोली में रही,कर्णप्रयाग महाविद्यालय NSUI के सुनील सिंह और नंदानगर महाविद्यालय में ख़ुशी राणा का अध्यक्ष पद सहित सभी पदों पर दबदबा रहा,जबकि तलवाड़ी और जोशीमठ में ABVP के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की।
छात्रसंघ चुनावों में USF का प्रदर्शन भी कई स्थानों पर चर्चा में रहा। डोईवाला डिग्री कॉलेज में USF के मोहित ममगाईं ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की।अल्मोड़ा के स्याल्दे में USF ने पूरे पैनल पर जीत हासिल की,जबकि नारायणबगड़ में विश्वविद्यालय प्रतिनिधि पद पर गौरव टम्टा विजयी हुए।अन्य कई डिग्री कॉलेजों में भी USF प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है।
उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले छात्रसंघ चुनावों के इन नतीजों को राजनीतिक दलों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि छात्रसंघ चुनावों के नतीजों को सीधे विधानसभा चुनावों के परिणाम से जोड़ना उचित नहीं होगा,लेकिन कॉलेज परिसरों में छात्र संगठनों की मौजूदा स्थिति को लेकर इन नतीजों ने नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।
इन चुनावों में कई जगह ABVP को हार मिली, तो कई कॉलेजों में संगठन ने जीत भी दर्ज की।वहीं NSUI और निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी कई महत्वपूर्ण सीटों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह सिर्फ स्थानीय छात्र मुद्दों और प्रत्याशियों का असर है या कॉलेज परिसरों में युवा मतदाताओं के बीच बदलते रुझान का संकेत भी?




