
देहरादून: 13 मुकदमों का सामना कर रहे केशव थलवाल मामले में मंगलवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई।यह सुनवाई केशव थलवाल के मानसिक परीक्षण की मेडिकल रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत होने के बाद हुई हैं।
दरअसल, केशव थलवाल की ओर से उत्तराखंड पुलिस में निरीक्षक रैंक के एक अधिकारी धर्मेंद्र रौतेला पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। थलवाल ने आरोप लगाया था कि उनके साथ मारपीट की गई,सिर पर पेशाब किया गया और थूक चाटने जैसे अमानवीय कृत्य किए गए।
हालांकि, कुछ दिन पूर्व इस पूरे मामले में सीओ स्तर पर हुई जांच रिपोर्ट में निरीक्षक धर्मेंद्र रौतेला को निर्दोष पाया गया था। जांच रिपोर्ट में उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया गया था।पुलिस पक्ष की ओर से न्यायालय में केशव थलवाल को मानसिक रूप से अस्वस्थ बताते हुए उनके मानसिक परीक्षण की मांग की गई थी।इसके बाद हाईकोर्ट ने केशव थलवाल के मानसिक मेडिकल परीक्षण के आदेश दिए थे।साथ ही, उन्हें सोशल मीडिया पर अनावश्यक टिप्पणी और पोस्ट करने से भी रोक लगी थी।
मंगलवार को सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल ने मेडिकल रिपोर्ट का अवलोकन किया और टिप्पणी करते हुए कहा कि केशव थलवाल बुद्धिमान और शार्प व्यक्ति हैं।अदालत ने कहा कि वह गलत चीजों को सहन नहीं करेगा और रिपोर्ट के अनुसार वह भ्रष्टाचार के खिलाफ है।
सुनवाई के दौरान न्यायालय ने सरकारी वकील से पूछा कि केशव थलवाल के खिलाफ कुल कितने मुकदमे दर्ज हैं।इस पर सरकारी पक्ष की ओर से बताया गया कि उनके खिलाफ कुल 13 मुकदमे दर्ज हैं।कोर्ट ने कथित तौर पर निरीक्षक धर्मेंद्र रौतेला द्वारा प्रताड़ित एक महिला प्रतिभा राय के मृत बेटे की पुरानी मेडिकल रिपोर्ट और कुछ फ़ोटोग्राफ़ को भी सामने रखा,जिसमे प्रतिभा राय के बेटे के साथ मारपीट की पुष्टि हैं।न्यायालय ने पुलिस के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि पुलिस अधिकारियों का ऐसा व्यवहार है तो ऐसे अधिकारी को सीधे निलंबित कर देना चाहिए।अदालत ने इसे अमानवीय व्यवहार बताते हुए कड़ी टिप्पणी की।
कोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसा व्यवहार करने वालों का भी परीक्षण कराया जाना चाहिए।मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट की टिप्पणियों के बाद अब इस प्रकरण को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। मामले में अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।




