दो दिनों तक पाँवटा साहिब गुरुद्वारे में उत्तराखंड प्रशासन के फैसले का इंतज़ार करेंगे निहंग..

देहरादून/पांवटा साहिब: कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय युवकों के बीच हुए विवाद के बाद शुरू हुआ मामला अब समाधान की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है।आज शुक्रवार को पांवटा साहिब गुरुद्वारे में निहंग प्रतिनिधियों और उत्तराखंड प्रशासन के बीच कई दौर की वार्ता हुई,जिसमें निहंगों की प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई।
वार्ता में शामिल हरिद्वार ज़िले के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में जांच को लेकर SIT गठित की गई है,जिसकी जाँच CO सिटी शिशुपाल सिंह नेगी कर रहे हैं,साथ ही पुलिस के द्वारा दुर्व्यहार के आरोपो की जाँच वरिष्ठ अधिकारी कर रहे है,निष्पक्ष रूप से जाँच की जायेगी।
बैठक के बाद निहंगों के मुख्य जत्थेदार जगदीप सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि उनकी चार प्रमुख मांगों को लेकर प्रशासन के साथ सकारात्मक चर्चा हुई है।उन्होंने कहा कि प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा है और भरोसा दिलाया है कि इस अवधि में गिरफ्तार निहंगों की जमानत प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
जगदीप सिंह ने बताया कि वार्ता के दौरान यह भी आश्वासन दिया गया कि घटना के दौरान जिन पुलिसकर्मियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं,उनके खिलाफ निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।इसके अलावा अस्पताल में भर्ती घायल निहंग के इलाज का पूरा खर्च उत्तराखंड सरकार उठाएगी।
इससे पहले गुरुवार देर रात पांवटा साहिब में बड़ी संख्या में निहंग श्रद्धालु एकत्र हुए थे।तनावपूर्ण माहौल के बीच प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने निहंग प्रतिनिधियों के साथ लगातार बातचीत की।देर रात चली वार्ता के बाद माहौल शांत हुआ और दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने पर सहमति जताई।
गौरतलब है कि कर्णप्रयाग की घटना के बाद उत्तराखंड और पंजाब में इस मामले को लेकर लगातार चर्चाएं होती रहीं।नगरासू गुरुद्वारा विवाद,गिरफ्तारियां और विरोध-प्रदर्शनों के बीच प्रशासन पर समाधान निकालने का दबाव बना हुआ था।अब पांवटा साहिब में हुई वार्ता के बाद दोनों पक्षों के बीच गतिरोध कम होता नजर आ रहा है।
हालांकि,निहंग प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासनों के अमल का इंतजार करेंगे।अगले दो दिनों में यदि सहमति के अनुसार कार्रवाई होती है,तो मामले का स्थायी समाधान निकलने की उम्मीद है।वहीं प्रशासन की ओर से इन बिंदुओं पर औपचारिक कार्रवाई और आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है।




