उत्तराखंड में भारी बारिश से बिगड़े हालात,अब तक 11 लोगों की मौत; कई इलाकों में स्कूल बंद..

देहरादून: उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।बारिश और उससे जुड़ी आपदा की घटनाओं में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है।कई नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं,जबकि जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बंद हो गई हैं।मौसम विभाग की ओर से भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए नैनीताल,अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों में प्रशासन ने दो सितंबर को स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के आदेश जारी किए हैं।
कोटद्वार में कोल्हू नदी के तेज बहाव में बाइक समेत एक महिला और उसकी एक साल की बेटी बह गईं।हादसे में दोनों की मौत हो गई।महिला का पति सद्दाम इस घटना में सुरक्षित बच गया।वहीं,देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बरसाती रपटे के तेज बहाव में दो कारें बह गईं।हादसे में दो लोगों की जान चली गई,जबकि तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
अल्मोड़ा में भारी बारिश के बीच एक मकान में मलबा घुसने से बड़ा हादसा हो गया।हादसे में मां और दो बच्चों समेत पांच लोगों की मौत की सूचना है।नैनीताल के भीमताल में भी नाले के तेज बहाव में चार साल की बच्ची बह गई, जिसकी मौत हो गई।उत्तरकाशी में झील से एक अज्ञात व्यक्ति का शव बरामद हुआ है।पुलिस और प्रशासन की टीमें शव की पहचान कराने में जुटी हैं।शिप्रा और गौला नदी उफान पर कैंची धाम क्षेत्र में शिप्रा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।नदी तेज बहाव के साथ उफान पर है। हल्द्वानी में गौला नदी का जलस्तर भी बढ़ने से आसपास के इलाकों में प्रशासन सतर्क है।
भारी बारिश के कारण नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया है।इसके बाद प्रशासन ने चैनल खोल दिए हैं,ताकि अतिरिक्त पानी की निकासी की जा सके।बारिश के कारण प्रदेश में कई सड़क मार्ग प्रभावित हुए हैं।हल्द्वानी-नैनीताल हाईवे पर बोल्डर गिरने से यातायात बाधित हुआ है।प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं।




