
देहरादून:(06 जनवरी 2026)
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े मामले में यमकेश्वर की पूर्व ज़िला पंचायत सदस्य आरती गौड़ ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तराखंड पुलिस प्रशासन को अपनी फ़ेसबुक आईडी पर पत्र लिखकर आरोप लगाया है कि बिना किसी संलिप्तता और बिना किसी साक्ष्य के उनका नाम और तस्वीर सोशल मीडिया व टीवी चैनलों पर फैलाकर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।साथ ही उन्होंने आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही न किए जाने पर आत्मदाह की भी चेतावनी दी है।

आरती गौड़ का कहना है कि कुछ राजनीतिक नेता,सोशल मीडिया यूज़र और स्वयंभू इन्फ्लुएंसर निजी और राजनीतिक स्वार्थों के चलते जानबूझकर उनका नाम इस केस से जोड़ रहे हैं,जिससे उनकी सामाजिक छवि को नुकसान पहुँच रहा है और उन्हें लगातार मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ रही है।
पत्र में उन्होंने आरोप लगाया है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बिना उनसे संपर्क किए राष्ट्रीय टीवी चैनल पर उनका नाम दिखाकर उन्हें सार्वजनिक रूप से ट्रोल करवाया। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर भावना पांडे, धर्मेन्द्र रावत (राजपूत) और “यमकेश्वर ब्लॉक पौड़ी गढ़वाल” नामक आईडी द्वारा उनकी तस्वीर और नाम का दुरुपयोग किया जा रहा है।आरती गौड़ ने बताया कि उन्होंने सभी ऐसे पोस्ट और टिप्पणियों के स्क्रीनशॉट सुरक्षित कर लिए हैं और उन्हें इस मामले के जांच अधिकारी राजेश शाह को भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि वे कई बार मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से अपना पक्ष रख चुकी हैं और जांच में पूरा सहयोग कर रही हैं, इसके बावजूद कुछ लोग जानबूझकर उन्हें बदनाम कर मानसिक रूप से तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं ताकि वे किसी झूठी साजिश का हिस्सा बनें।
आरती गौड़ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि उनके खिलाफ झूठ फैलाने, चरित्र हनन करने और मानसिक उत्पीड़न करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी निर्दोष नागरिक को इस तरह मानसिक प्रताड़ना का शिकार न होना पड़े।उन्होंने खुद को “उत्तराखंड की बेटी” बताते हुए सरकार से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है।




