
देहरादून:10 फरवरी 2026
सेलाकुई में बीते दिनों पकड़े गए कथित बदबूदार पनीर के मामले में हुई कार्यवाही में पुलिस को भारी फजीहत झेलनी पड़ी है।मामलें में प्रभारी आईजी रेंज सदानंद दाते की जांच के बाद बड़ी कार्रवाई करते हुए सेलाकुई थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक जितेंद्र कुमार समेत तीन अन्य पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है।
दरअसल, कुछ दिन पूर्व सेलाकुई थाना पुलिस ने थाना क्षेत्र की एक दुकान के बाहर से भारी मात्रा में पनीर और दही बरामद किया था। कार्रवाई के बाद पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की टीम को थाने में बुलाया। जांच के दौरान एफडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर पनीर को प्रथम दृष्टया खाने योग्य नहीं पाया। इसके बाद संदिग्ध पनीर और दही के नमूने लेकर विधिवत सैंपलिंग की गई,जबकि शेष सामग्री को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए।फुटेज के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दुकान के गेट के पास रखा पनीर पुलिस की मौजूदगी में कार में रखवाया गया।जबकि पुलिस का कहना है कि कुछ देर पहले यही पनीर उसी कार से उतारा गया था।
इसी बीच पीड़ित पक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए आईजी रेंज कार्यालय में प्रभारी आईजी सदानंद दाते के पास लिखित शिकायत दी।पीड़ित के भाई का आरोप है कि थाना पुलिस ने एक लाख रुपये की मांग की और विरोध करने पर उसके भाई के साथ मारपीट की गई।मारपीट का कथित वीडियो भी शिकायत पत्र के साथ आईजी गढ़वाल को सौंपा गया है।
एसएसपी देहरादून अजय सिंह का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ नियमानुसार कार्रवाई की गई थी और पनीर के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट का इंतजार है।
रेंज आईजी की जांच में यह पाया गया कि कार्रवाई के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया और पुलिस टीम ने लापरवाही बरती।इसी के चलते संबंधित पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है।



