काशीपुर में किसान सुखवंत की मौत का कौन ज़िम्मेदार?

काशीपुर। किसान सुखवंत सिंह की मौत के बाद काशीपुर समेत पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। सोमवार सुबह स्थानीय प्रशासन द्वारा परिजनों से बातचीत कर सहमति जताने के बाद गमगीन वातावरण में सुखवंत सिंह के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया गया।
सोमवार सुबह से ही सुखवंत सिंह के आवास पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। इस दौरान काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा, जसपुर विधायक आदेश चौहान, भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष गुंजन सुखीजा, वरिष्ठ भाजपा नेता आशीष गुप्ता, आईसीसी सदस्य अनुपम शर्मा, पूर्व कांग्रेस महानगर अध्यक्ष मुशर्रफ हुसैन शाहिद समेत बड़ी संख्या में किसान नेता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
जसपुर विधायक आदेश चौहान ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि यह मामला आत्महत्या का नहीं बल्कि सिस्टम द्वारा की गई हत्या का है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि प्रशासन और सरकार सही समय पर किसान के साथ खड़ी होती, तो आज सुखवंत सिंह जीवित होते।
उन्होंने मांग की कि घटना में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी किसान या आम नागरिक के साथ ऐसी घटना दोबारा न हो। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मजिस्ट्रियल जांच निष्पक्ष नहीं हुई, तो सीबीआई जांच की मांग की जाएगी।
मुख्यमंत्री से हुई बात, मजिस्ट्रियल जांच शुरू – त्रिलोक सिंह चीमा
काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने घटना को बेहद दुखद बताते हुए कहा कि उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच बैठा दी गई है।
विधायक चीमा ने भरोसा दिलाया कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
क्या है पूरा मामला
रविवार 11 जनवरी को हल्द्वानी के एक होटल में काशीपुर निवासी किसान सुखवंत सिंह ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी। आत्मघाती कदम उठाने से पहले किसान ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें करीब 4 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों के नाम सामने रखे थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं उधम सिंह नगर के एसएसपी ने लापरवाही के आरोप में थाना आईटीआई के थाना प्रभारी और एक उपनिरीक्षक को निलंबित कर दिया है, जबकि चौकी पैगा की पूरी टीम को लाइन हाजिर किया गया है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और क्षेत्रवासियों की नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।




