देश / विदेश

8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज, DA फॉर्मूले में बदलाव की मांग जोर पकड़ने लगी

नई दिल्ली। देश में 8वें वेतन आयोग को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। महंगाई भत्ता (DA) की गणना के मौजूदा फॉर्मूले में बदलाव की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। All India Trade Union Congress समेत कई कर्मचारी संगठनों ने केंद्र सरकार से वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान DA गणना प्रणाली बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की वास्तविक लागत को सही ढंग से नहीं दर्शाती। उनका तर्क है कि मौजूदा फॉर्मूला काफी पुराना हो चुका है और इसमें आधुनिक खर्च जैसे इंटरनेट, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल सेवाओं को शामिल नहीं किया गया है।

8वें वेतन आयोग ने अपने 18 बिंदुओं वाले प्रश्नपत्र पर सुझाव देने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी है। इस बीच DA फॉर्मूले में बदलाव की मांग ने और जोर पकड़ लिया है।

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं:

  • परिवार की उपभोग इकाई 3 से बढ़ाकर 5 सदस्य की जाए
  • आधुनिक खर्चों को गणना में शामिल किया जाए
  • DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए
  • बेहतर फिटमेंट फैक्टर तय किया जाए
  • पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल किया जाए

फिलहाल DA की गणना All India Consumer Price Index for Industrial Workers (AICPI-IW) के आधार पर की जाती है। महंगाई के आंकड़ों के अनुसार DA साल में दो बार—जनवरी और जुलाई में संशोधित होता है। वर्तमान में जुलाई 2025 से DA 58% है और जनवरी 2026 में इसमें 2-3% की बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। DA और न्यूनतम वेतन तय करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला Aykroyd Formula 1957 से लागू है। इसमें 2700 कैलोरी भोजन, कपड़ा और आवास जैसी बुनियादी जरूरतों को आधार माना गया है और 3 सदस्यीय परिवार मॉडल शामिल है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह फॉर्मूला वर्तमान समय के अनुसार अप्रासंगिक हो चुका है। अगर सरकार DA फॉर्मूले में बदलाव करती है, तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन पर पड़ेगा, न्यूनतम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 30,000 रुपये से अधिक हो सकता है, DA और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी संभव, फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कुल सैलरी में 50-60% तक इजाफा हो सकता है

हालांकि इन मांगों को लागू करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा। वेतन और पेंशन में वृद्धि से सरकारी खजाने पर भारी बोझ पड़ सकता है। साथ ही देशभर में अलग-अलग क्षेत्रों की जीवनयापन लागत को संतुलित करना भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद 8वें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू होना था, लेकिन अब तक इसका औपचारिक गठन नहीं हुआ है। हालांकि, सरकार ने इसकी तैयारी के लिए एक समिति गठित की है, जो अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

यदि DA फॉर्मूले में बदलाव की मांग मान ली जाती है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ मिल सकता है। फिलहाल सभी की नजर केंद्र सरकार के अगले कदम और 8वें वेतन आयोग की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button