देवप्रयाग में शराब के ठेके को लेकर महिलाओं का उग्र विरोध, सातवें दिन भी अनशन जारी

देवप्रयाग। बदरी-केदार यात्रा मार्ग पर स्थित देवप्रयाग में शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर महिलाओं का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सातवें दिन भी महिलाओं का क्रमिक अनशन जारी रहा और प्रशासन के खिलाफ रोष कम होने के बजाय और बढ़ गया है।
शुक्रवार रात पुलिस ने अनशन स्थल पर पहुंचकर महिलाओं को बलपूर्वक हटाया और उनका टैंट तोड़ दिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया। स्थानीय लोगों और महिलाओं ने इसे दमनात्मक कार्रवाई बताते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में महिलाएं दोबारा एकत्रित हुईं और शराब के ठेके के विरोध में फिर से क्रमिक अनशन पर बैठ गईं। हालांकि, पुलिस ने उन्हें वहां बैठने से रोकते हुए जबरन हटाने की कोशिश की। इसके बावजूद महिलाएं पीछे नहीं हटीं और राजमार्ग के किनारे बैठकर अपना अनशन जारी रखा।
जिला पंचायत सदस्य पुष्पा रावत ने पुलिस की इस कार्रवाई का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की शांतिपूर्ण मांग को दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। स्थिति को देखते हुए ठेके के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए लगातार निगरानी बनाए हुए है। आंदोलनकारी महिलाओं का साफ कहना है कि तीर्थ नगरी देवप्रयाग में शराब का ठेका किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक ठेका नहीं हटाया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा—चाहे इसके लिए उन्हें पुलिस और प्रशासन से कितना भी संघर्ष क्यों न करना पड़े।
देवप्रयाग, जो गंगा के उद्गम संगम के रूप में धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, वहां शराब का ठेका होने को लेकर लंबे समय से स्थानीय लोग विरोध करते रहे हैं। इस बार महिलाओं के नेतृत्व में यह आंदोलन और अधिक मुखर रूप ले चुका है।




