हेमकुंड यात्रा मार्ग पर लँगासू के पास भंडारे में सेवा कर रहा था पंजाब का हत्यारोपित,गिरफ्तार..

कर्णप्रयाग/चमोली।पंजाब के कपूरथला में हुए चर्चित हत्या कांड का एक फरार आरोपी आखिरकार हेमकुंड साहिब यात्रा मार्ग पर पुलिस के हत्थे चढ़ गया।आरोपी श्रद्धालुओं के बीच रहकर लंगर सेवा कर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा था,लेकिन पंजाब और चमोली पुलिस की संयुक्त टीम ने सादी वर्दी में ऑपरेशन चलाकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
जानकारी के अनुसार अप्रैल 2026 में पंजाब के कपूरथला जिले में हुई हत्या के मामले में पांच लोगों को नामजद किया गया था।इनमें से दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है,जबकि नवजोत सिंह उर्फ मोना निवासी मुस्कवेद,थाना कपूरथला लंबे समय से फरार चल रहा था।
पंजाब पुलिस को सूचना मिली थी कि फरार आरोपी हेमकुंड साहिब यात्रा क्षेत्र में मौजूद है और श्रद्धालुओं के बीच रहकर अपनी पहचान छिपा रहा है।इसके बाद पंजाब पुलिस ने चमोली पुलिस से संपर्क किया और संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू किया गया।पिछले कई घंटों से दोनों राज्यों की पुलिस यात्रा मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में लगातार निगरानी कर रही थी।
बुधवार को पुलिस को पुख्ता सूचना मिली कि आरोपी कर्णप्रयाग कोतवाली क्षेत्र की लंगासू चौकी अंतर्गत बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित बैडाणू गांव के एक लंगर में सेवा कर रहा है।सूचना मिलते ही पंजाब और चमोली पुलिस की संयुक्त टीम सादी वर्दी में श्रद्धालु बनकर मौके पर पहुंची।
पुलिसकर्मी आम यात्रियों की तरह लंगर में बैठे और भोजन करने लगे।इस दौरान आरोपी नवजोत सिंह उर्फ मोना स्वयं उन्हें भोजन परोसता रहा।टीम ने पूरी सतर्कता के साथ उसकी पहचान की पुष्टि की और सही समय देखकर उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अधिकारियों ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को पंजाब पुलिस ने विधिक प्रक्रिया के तहत अपनी हिरासत में ले लिया है।उसे आगे की कार्रवाई के लिए पंजाब रवाना कर दिया गया है।
हत्या के मामले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी की गिरफ्तारी को पंजाब और चमोली पुलिस की संयुक्त कार्रवाई की बड़ी सफलता माना जा रहा है। पुलिस की रणनीति और गोपनीय ऑपरेशन के चलते आरोपी को गिरफ्तारी की भनक तक नहीं लग सकी।




