
गोपेश्वर। चमोली जिले में कर्णप्रयाग ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कमेड़ा के तल्ला बारों तोक में सोमवार सुबह भालू के हमले से एक ग्रामीण गंभीर रूप से घायल हो गए। अचानक हुए इस हमले से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीणों की मदद से घायल को जिला अस्पताल गोपेश्वर पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कमेड़ा के तल्ला बारों तोक निवासी जयप्रकाश सती सोमवार सुबह करीब छह बजे घर के आसपास मौजूद थे। इसी दौरान अचानक एक भालू वहां पहुंच गया और उसने जयप्रकाश सती पर हमला कर दिया। भालू के हमले में उनके शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों और परिजनों ने मौके पर पहुंचकर उन्हें भालू के चंगुल से बचाया।इसके बाद परिजन एवं ग्रामीण घायल जयप्रकाश सती को उपचार के लिए जिला अस्पताल गोपेश्वर लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों की देखरेख में उनका उपचार किया जा रहा है।
भालू के हमले की घटना के बाद तल्ला बारों तोक समेत आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों में वन्यजीव की मौजूदगी को लेकर भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि भालू के लगातार क्षेत्र में दिखाई देने से लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए घर से बाहर निकलने में भी डर लग रहा है। विशेषकर सुबह और शाम के समय लोग अकेले बाहर जाने से बच रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में जंगल आसपास होने के कारण वन्यजीवों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में भालू के हमले के बाद लोगों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्र में गश्त बढ़ाने की मांग की है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से भालू की गतिविधियों पर नजर रखने और उसे आबादी वाले क्षेत्र से दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते वन विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में भी इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि क्षेत्र में वन विभाग की टीम नियमित गश्त करे और भालू की मौजूदगी वाले स्थानों को चिह्नित कर लोगों को सतर्क किया जाए, ताकि किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी घटना न हो।
भालू की सक्रियता को देखते हुए क्षेत्रवासियों से जंगल और आसपास के इलाकों में अकेले न जाने की अपील की गई है। ग्रामीणों को विशेष रूप से सुबह और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने को कहा गया है। लोगों से अपील की गई है कि वन्यजीव दिखाई देने पर उसके करीब जाने या उसे उकसाने के बजाय सुरक्षित स्थान पर चले जाएं और इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें।




