हाईकोर्ट के आदेश पर संदिग्ध मौत के मामले में कब्र से शव निकालकर होगा दोबारा पोस्टमार्टम…

नैनीताल/काशीपुर।
उत्तराखंड हाईकोर्ट ने काशीपुर में एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में अहम आदेश जारी करते हुए शव को कब्र से निकालकर दोबारा पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए हैं।अदालत ने कहा है कि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए री-पोस्टमार्टम आवश्यक है।
मामला उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित कटोराताल क्षेत्र का है, जहां 16-17 मई की रात एक युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। प्रारंभिक पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया था, लेकिन मृतक के पिता इमरान ने मौत को संदिग्ध बताते हुए जांच पर सवाल उठाए।
परिजनों का कहना है कि युवक के कान के नीचे चोट का निशान था। इसके अलावा जिस स्थान पर शव मिला, वहां खून के निशान और खून से सनी चादर मिलने से भी संदेह गहरा गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की।
मृतक के पिता ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में क्रिमिनल रिट याचिका दायर कर री-पोस्टमार्टम और मामले की विस्तृत जांच की मांग की। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता टी.ए. खान ने अदालत को बताया कि मामले में कई ऐसे पहलू हैं, जिनकी गंभीरता से जांच की जानी चाहिए।साथ ही पुलिस को एफआईआर दर्ज कर जांच के निर्देश देने की भी मांग की गई।
मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ ने सुशीला तिवारी अस्पताल (एसटीएच) हल्द्वानी के विशेषज्ञ चिकित्सकों का पैनल गठित करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने आदेश दिया कि शव को कब्र से निकालकर विशेषज्ञों की निगरानी में दोबारा पोस्टमार्टम कराया जाए।
कानूनी जानकारों का मानना है कि री-पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले की जांच में निर्णायक साबित हो सकती है। यदि रिपोर्ट में चोट या अन्य संदिग्ध तथ्य सामने आते हैं तो जांच की दिशा और स्वरूप दोनों बदल सकते हैं।हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद मामले पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं, जबकि मृतक के परिजन न्याय की उम्मीद में आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।




