
देहरादून।अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में सियासी घमासान तेज हो गया है।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने उन पर निशाना साधा है।गोदियाल ने वीडियो जारी कर मुख्यमंत्री के बयान को झूठ से भरा और जनता को गुमराह करने वाला बताया।उन्होंने अंकिता हत्याकांड की तुलना जैनी प्रकरण से किए जाने पर भी सवाल उठाए।
गणेश गोदियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठे सवालों पर सरकार को स्पष्ट जवाब देना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में तथ्यों को सामने लाने के बजाय उन्हें छिपाने का प्रयास कर रही है। हालांकि,ये सभी आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने लगाए हैं।
गोदियाल ने मुख्यमंत्री धामी पर निशाना साधते हुए कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड की तुलना जैनी प्रकरण से नहीं की जा सकती। उन्होंने दावा किया कि जैनी प्रकरण में तत्कालीन मंत्री हरक सिंह रावत ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की घोषणा की थी और सीबीआई जांच की मांग की थी।गोदियाल के मुताबिक,जांच के बाद हरक सिंह रावत को क्लीन चिट मिली थी।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में परिस्थितियां अलग हैं।उनके अनुसार,अंकिता ने अपनी हत्या से पहले एक वीआईपी के लिए इस्तेमाल किए जाने के दबाव की बात कही थी।गोदियाल ने दावा किया कि संबंधित वीआईपी को लेकर नाम भी भाजपा के नेताओं की ओर से सामने आया था।
गणेश गोदियाल ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में सरकार पहले दिन से ही सबूतों को नष्ट करने और कथित वीआईपी को बचाने का प्रयास कर रही है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को इस मामले में मातृशक्ति के सम्मान और न्याय के सवाल पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
गोदियाल ने कहा कि अंकिता हत्याकांड में उठ रहे सवालों का जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान को लेकर नाराजगी जताते हुए कहा कि इस तरह की तुलना से मामले की गंभीरता कम नहीं की जा सकती,अंकिता भंडारी हत्याकांड उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के बयान पर गणेश गोदियाल की प्रतिक्रिया के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज होने के आसार हैं।




