
देहरादून: अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंड ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत के नेतृत्व में सचिवालय कूच किया। प्रदेश के अलग-अलग जिलों से देहरादून पहुंचे बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों ने पुलिस की पहली बैरिकेडिंग पार कर मुख्य बैरिकेडिंग तक पहुंचने का प्रयास किया।जहाँ पुलिस ने उन्हें आगे जाने से रोक दिया,जिसके बाद आक्रोशित ग्राम प्रधान सड़क पर ही धरने पर बैठ गए और सरकार से अपनी मांगों पर वार्ता की मांग करने लगे।
इस दौरान पुलिस और ग्राम प्रधानों के बीच बैरिकेडिंग को लेकर खींचतान भी हुई।प्रदर्शन की सूचना पर पंचायती राज निदेशक निधि यादव मौके पर पहुंचीं। ग्राम प्रधानों ने उन्हें अपनी 10 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा और मांगों के जल्द समाधान की मांग की।
ग्राम प्रधान संगठन की प्रमुख मांगों में प्रधानों का न्यूनतम मानदेय 20 हजार रुपये प्रतिमाह करने,वार्ड सदस्यों को मानदेय देने, मनरेगा में श्रमिकों की उपस्थिति ऑफलाइन करने और ग्राम पंचायतों के लिए राज्य एवं केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने की मांग शामिल है।
इसके अलावा 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम प्रधान निधि की व्यवस्था करने, प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने, पात्र लाभार्थियों के नाम प्रधानमंत्री आवास की प्राथमिकता सूची में शामिल करने और ग्राम पंचायतों पर टैक्स लगाने की बाध्यता खत्म करने की मांग भी की गई है।
प्रधान संगठन का कहना है कि सरकार की ओर से कई बार आश्वासन मिलने के बावजूद मांगों का समाधान नहीं हुआ है,जिससे प्रदेशभर के ग्राम प्रधानों में रोष है।




