आंधी-तूफान में हल्दू का पेड़ गिरने से 10 वर्षीय मासूम की मौत, रिंगोड़ा वन ग्राम में पसरा मातम

रामनगर। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले वन ग्राम रिंगोड़ा में सोमवार देर रात तेज आंधी-तूफान के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 10 वर्षीय बच्चे की पेड़ के नीचे दबकर मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार घटना कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के बिजरानी रेंज स्थित वन ग्राम रिंगोड़ा की है। सोमवार देर रात करीब एक बजे अचानक तेज आंधी और तूफान शुरू हो गया। तेज हवाओं के कारण गांव के लोग घरों में जाग गए। इसी दौरान रिंगोड़ा निवासी प्रकाश उपाध्याय का 10 वर्षीय पुत्र कानू उपाध्याय अपने परिवार के साथ कच्चे मकान में मौजूद था।
बताया जा रहा है कि तेज हवाओं के बीच कानू किसी कारणवश घर से बाहर निकल आया। उसी समय घर के पास खड़ा एक बड़ा हल्दू का पेड़ तेज हवा के कारण टूटकर गिर पड़ा और बच्चा उसकी चपेट में आ गया। पेड़ गिरने की तेज आवाज सुनकर परिवार के लोग और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो देखा कि कानू पेड़ के नीचे दबा हुआ था।
घटना की सूचना तुरंत अग्निशमन विभाग, वन विभाग और प्रशासन को दी गई। सूचना मिलते ही अग्निशमन कर्मियों और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। भारी पेड़ होने के कारण उसे हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद कटर मशीन की मदद से पेड़ को काटकर बच्चे को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद परिवार और ग्रामीणों में शोक की लहर दौड़ गई। रात के समय परिजनों ने पहले पंचायतनामा कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन पुलिस द्वारा समझाने के बाद बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया गया।
बताया जा रहा है कि मृतक कानू उपाध्याय ढिकुली के एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता था और पढ़ाई में भी काफी होनहार था। मासूम की असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है, वहीं पूरे गांव में मातम का माहौल है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर पहाड़ी और वन क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के दौरान होने वाले खतरों को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से ऐसे क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।




