
रुद्रप्रयाग/कर्णप्रयाग।कर्णप्रयाग में हाल ही में हुए निहंग सिक्खों और स्थानीय लोगो के बीच विवाद के बाद प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर चमोली जिला प्रशासन ने कर्णप्रयाग क्षेत्र में बीएनएसएस की धारा 163 लागू कर दी है, जो 27 जून तक प्रभावी रहेगी।इस बीच शनिवार को रुद्रप्रयाग जिले के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में कुछ निहंग श्रद्धालुओं के छत पर चढ़ने से प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों में हलचल बढ़ गई।
जानकारी के अनुसार, कुछ निहंग श्रद्धालु गुरुद्वारे की छत पर पहुंच गए और अपने पारंपरिक शस्त्रों के साथ दिखाई दिए।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की टीम मौके पर पहुंच गई।सुरक्षा बलों ने हालात का जायजा लेते हुए श्रद्धालुओं से बातचीत की और उन्हें शांतिपूर्वक नीचे उतरने के लिए समझाया।
प्रशासन ने एहतियातन गुरुद्वारा परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी प्रकार की हिंसा या जनहानि की कोई सूचना नहीं है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार,छत पर मौजूद निहंग श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में थे और उनके पास धार्मिक परंपरा से जुड़े शस्त्र मौजूद थे। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना रहा।अधिकारियों ने बताया कि पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर रखी जा रही है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।
उल्लेखनीय है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में निहंग श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच हुए विवाद के बाद प्रशासन पहले से ही अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है।विभिन्न संगठनों द्वारा प्रस्तावित कर्णप्रयाग कूच को देखते हुए भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।




