
चमोली(पीपलकोटी) उत्तराखंड के चमोली जिले में पीपलकोटी के पास मायापुर स्थित टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया।टनल के भीतर अचानक पानी और मलबा आने से करीब 22 मजदूर फंस गए। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान अधिकांश मजदूरों को बाहर निकाल लिया गया।अब तक मिली जानकारी के अनुसार 09 मजदूरों की मौत हो गई है,जबकि 11 मजदूर घायल हुए हैं।गंभीर रूप से घायल एक मजदूर को हायर सेंटर रेफर किया गया है। घटनास्थल पर सेना, पुलिस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
हादसे की सूचना मिलते ही कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी मौके पर पहुंचे और जिलाधिकारी गौरव कुमार तथा पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार से रेस्क्यू कार्यों की जानकारी ली।
मृतकों के नाम
- प्रदीप पंवार (35), ग्राम गांवर, चंबा, टिहरी
- मुकेश
- दुर्लभ शर्मा
- विजय
- जितेंद्र
घायलों के नाम
- चंदन कुमार सिंह (39), रोहतास, बिहार
- रोहित पांडे (20), कल्याणपुर, बिहार — हायर सेंटर रेफर
- खेला राम (22), विसरा, झारखंड
- दीना बेंगरा (26), ग्राम रोने, तुरपा, झारखंड
- निस्तर मैंगरा (24), बेराकिसु टोली, झारखंड
- पैल सिंह नेतांग (33), ग्राम समलपुर, छत्तीसगढ़
- विनोद रायना (46), गुमला, झारखंड
- हबील गुड़िया (27), टपरा, झारखंड
- सुनील दीवान (20), ग्राम दही टोंगा, कोंडा, छत्तीसगढ़
- सीवेक (42), ग्राम संग्रकला, जिला तरनतारन, पंजाब
- तिलक राज (48), ग्राम शेरू, किहार, चंबा
यह हादसा 444 मेगावाट क्षमता वाली विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टनल में हुआ है। परियोजना में 13.4 किलोमीटर लंबी हेड रेस टनल और 3.07 किलोमीटर लंबी टेल रेस टनल का निर्माण किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार हादसा टेल रेस टनल में हुआ, जहां अचानक पानी और मलबा भर गया।
गौरतलब है कि 30 दिसंबर 2025 को भी इसी परियोजना की टनल में दो लोको ट्रेनों की टक्कर से 88 श्रमिक और कर्मचारी घायल हुए थे।लगातार दूसरी बड़ी दुर्घटना ने परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और आपदा प्रबंधन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।फिलहाल प्रशासन की निगरानी में राहत एवं बचाव अभियान जारी है और घटना के कारणों की जांच की जा रही है।




