
देहरादून(आदित्य सिंह)
देहरादून में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने ड्रग तस्करी के नेटवर्क का खुलासा किया है।पुलिस के अनुसार, देहरादून के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले छह छात्र एमडीएमए की तस्करी में शामिल थे।सभी को दिल्ली के सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू गैंग का पेडलर बताया गया है।आरोपी कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों को एमडीएमए बेचते थे।
राजपुर थाना पुलिस और एएनटीएफ की संयुक्त टीम ने 22 सितंबर की रात अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 44.61 ग्राम एमडीएमए बरामद की है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 4.50 लाख रुपये बताई गई है।
पुलिस के मुताबिक, पहली कार्रवाई ओल्ड मसूरी रोड स्थित शहंशाही रिजॉर्ट के पास की गई। यहां एक इग्निस कार से वेदांत चौहान, रचित शर्मा, श्रीकांत ममगांई और चिराग रस्तोगी को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से 27.12 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई।इसके बाद पुलिस टीम ने सहस्त्रधारा हेलीपैड के पास कार्रवाई की। यहां से अभिषेक थापा और वैभव ममगांई को 17.49 ग्राम एमडीएमए के साथ गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में सामने आया नेटवर्क…
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे देहरादून और अन्य राज्यों के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में तकनीकी पाठ्यक्रम कर रहे हैं। आरोप है कि सभी दिल्ली निवासी सिद्धार्थ उर्फ सिद्धू के लिए पेडलर के तौर पर काम करते थे।
पुलिस का कहना है कि सिद्धू या उसके एजेंट समय-समय पर देहरादून आकर आरोपियों को एमडीएमए उपलब्ध कराते थे। जरूरत पड़ने पर आरोपी दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश जाकर भी मादक पदार्थ लेकर देहरादून आते थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुख्य रूप से कॉलेज छात्रों को एमडीएमए बेचते थे। पूछताछ में आरोपियों ने महंगे शौक पूरे करने के लिए इस अवैध कारोबार में शामिल होने की बात कही है।
कार और 12 पॉलिथीन पैकेट भी मिले..
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 44.61 ग्राम एमडीएमए के अलावा UK 07 DE 4167 नंबर की इग्निस कार और 12 पॉलिथीन पैकेट भी बरामद किए हैं।गिरफ्तार आरोपियों में वेदांत चौहान (21), रचित शर्मा (21), श्रीकांत ममगांई (22), चिराग रस्तोगी (24), अभिषेक थापा (21) और वैभव ममगांई (21) शामिल हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ थाना राजपुर में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21/29/60 के तहत अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, कार्रवाई ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ अभियान के तहत की गई।




