
पौड़ी (गुरुवार) मां को क्या पता था कि जिस बेटे पर वह सबसे ज्यादा भरोसा करती है, वही उसके घर में सेंध लगा देगा।बालासौड़ कोटद्वार में घर से लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी होने के मामले का पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है।चोरी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि मां के अपने बेटे ने ही की थी। वारदात के बाद आरोपी करीब 20 लाख रुपये के जेवर लेकर राजस्थान भाग गया,लेकिन पुलिस की जांच से बच नहीं सका।
बालासौड़ निवासी अनीता ने 5 अक्टूबर 2026 को कोतवाली कोटद्वार में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके घर से सोने-चांदी के जेवर चोरी हो गए हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी सर्वेश पंवार के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक कोटद्वार मनोज कुमार ठाकुर और क्षेत्राधिकारी कोटद्वार अस्मिता मंमगाई के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम गठित की गई।टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करने के साथ आसपास के लोगों से पूछताछ की और संभावित रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के सामने एक ऐसा सच आया, जिसने पूरे मामले को ही पलट दिया। CCTV फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर पुलिस को पता चला कि चोरी की वारदात में अनीता का बेटा दीपांशु राजपूत ही शामिल है।
पुलिस को उसकी लोकेशन राजस्थान में मिली। इसके बाद टीम ने तत्काल राजस्थान पहुंचकर झालूपुरा, जयपुर से दीपांशु को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी किए गए करीब 20 लाख रुपये कीमत के 10.50 तोला सोने के आभूषण और 891 ग्राम चांदी के जेवर बरामद हुए।
पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि गलत संगत, बढ़ते खर्च और अपने निजी शौक पूरे करने के लिए उसने मां के जेवर चोरी किए थे।चोरी के बाद वह जेवर लेकर घर से फरार हो गया और राजस्थान पहुंच गया।पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीकी जांच के चलते आरोपी ज्यादा दिनों तक पुलिस से बच नहीं सका।पुलिस ने आरोपी दीपांशु राजपूत निवासी बालासौड़, कोटद्वार, पौड़ी गढ़वाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।




