उत्तराखंड में फिर उठी पुरानी पेंशन बहाली की माँग,चमोली में कर्मचारियों का बड़ा प्रदर्शन…

कर्णप्रयाग(चमोली)
राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा (NOPRUF) ने एक बार फिर उत्तराखंड सरकार से पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग तेज कर दी है।चमोली के कर्णप्रयाग में आयोजित बैठक के दौरान मोर्चे के पदाधिकारियों ने कहा कि नई पेंशन योजना (NPS/UPS)कर्मचारियों के हित में नहीं है और यह कर्मचारियों के भविष्य को असुरक्षित बना रही है।
मोर्चा की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि वर्ष 2005 के बाद सरकारी सेवा में नियुक्त अधिकारी,शिक्षक,कर्मचारी अर्द्धसैनिक बल और पुलिस विभाग के कर्मचारी नई पेंशन प्रणाली के दायरे में आते हैं, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद उन्हें बेहद कम पेंशन मिल रही है। संगठन का दावा है कि कई कर्मचारियों को केवल 500 से 2100 रुपये तक मासिक पेंशन मिल रही है,जिससे जीवन यापन करना संभव नहीं है।
NOPRUF ने कहा कि कर्मचारियों ने वर्षों तक शासन-प्रशासन की जिम्मेदारियां निभाई हैं, लेकिन वृद्धावस्था में उन्हें आर्थिक असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।संगठन ने आरोप लगाया कि बाजार आधारित नई पेंशन योजना कर्मचारियों के भविष्य की गारंटी नहीं देती,जबकि पुरानी पेंशन योजना (OPS) जीपीएफ आधारित सुरक्षित व्यवस्था थी।
मोर्चा ने यह भी कहा कि उत्तराखंड में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लगातार आंदोलन और ज्ञापन दिए जा चुके हैं। संगठन के अनुसार राज्य के सांसदों, विधायकों और विभिन्न जनप्रतिनिधियों को भी इस संबंध में ज्ञापन सौंपे गए हैं।संगठन ने यह भी याद दिलाया गया कि मुख्यमंत्री के पिछले कार्यकाल में इस मुद्दे पर एक समिति का गठन किया गया था,लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
संगठन ने दावा किया कि पुरानी पेंशन लागू करना राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, झारखंड तथा छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में इसे लागू भी किया जा चुका है। ऐसे में उत्तराखंड सरकार को भी कर्मचारियों के हित में फैसला लेना चाहिए।राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो भविष्य में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। संगठन ने कहा कि यदि राज्य सरकार पुरानी पेंशन बहाल करती है तो प्रदेश के लाखों अधिकारी, कर्मचारी और शिक्षक सरकार के आजीवन आभारी रहेंगे।




