
देहरादून।उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू उर्फ पप्पू गिरधारी के खिलाफ देहरादून के कैंट थाने में मुकदमा दर्ज हो गया है।रेखा आर्य ने पुलिस को तहरीर देकर पति पर मारपीट,गाली-गलौज,जान से मारने की धमकी देने,जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कंपनी के निदेशक पद से हटाए जाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।इस घटनाक्रम के बीच रेखा आर्य की तबीयत भी अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देहरादून के निजी अस्पताल के डा. सिद्धांत खन्ना के अनुसार रेखा आर्य बल्ड प्रेशर और चेस्ट पैन की शिकायत को लेकर अस्पताल आई थी,जांच करने पर उनका बीपी 200 के करीब था,उनके ECG में भी चेंजज हैं।उनकी कुछ जांच रिपोर्ट जांच के लिए दी गई हैं उनकी हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर हैं।
पुलिस को दी गई तहरीर में रेखा आर्य ने बताया कि उनका विवाह 6 जुलाई 2004 को गिरधारी लाल साहू के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। आरोप है कि विवाह के समय गिरधारी लाल साहू ने खुद को अविवाहित बताया था, लेकिन कुछ वर्ष बाद उन्हें पता चला कि उनके पति पहले से विवाहित थे और उनकी पहली शादी से बच्चे भी थे।रेखा आर्य के अनुसार,बच्चों के भविष्य और परिवार के समझाने के चलते उन्होंने उस समय इस मामले में चुप रहना उचित समझा।
तहरीर में आरोप लगाया गया है कि पिछले कुछ समय से गिरधारी लाल साहू के दूसरी महिलाओं से संबंध होने की जानकारी सामने आने के बाद जब उन्होंने इसका विरोध किया,तो उनके पति ने शुरुआत में माफी मांगी।हालांकि,आरोप है कि इसके बाद भी उनका व्यवहार नहीं बदला।
रेखा आर्य ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा जान से मारने की धमकी दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी आवास पर स्टाफ के सामने उनके लिए जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया।
रेखा आर्य ने तहरीर में यह भी आरोप लगाया है कि उनके कूट रचित हस्ताक्षर और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर संबंधित कंपनियों में उन्हें निदेशक पद से हटा हुआ दर्शाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने इस संबंध में न तो कोई दस्तावेज निष्पादित किया और न ही त्यागपत्र दिया।
तहरीर के मुताबिक, रेखा आर्य को हाल ही में एक ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है। आरोप है कि इसमें गिरधारी लाल साहू एक महिला से बातचीत के दौरान उन्हें जान से मारने की साजिश रचते सुनाई दे रहे हैं। रेखा आर्य ने अपनी और अपने नाबालिग बच्चों की जान को खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा और कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य की तबीयत अचानक बिगड़ने की जानकारी सामने आई है।उन्हें देहरादून के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।




