भ्रष्टाचार
Trending

हरीश रावत के पूर्व OSD और PA के घर ED की छापेमारी में मिला ये सुराग..

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (VPDO) परीक्षा-2016 में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने देहरादून में बड़ी कार्रवाई की है।धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत ED की देहरादून स्थित सब-जोनल टीम ने मामले से जुड़े कई लोगों के आवास और परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।

जांच के दौरान करीब 32 लाख रुपये की नकदी, सोना और 12 लग्जरी घड़ियां बरामद किए जाने की जानकारी सामने आई है। एजेंसी अब बरामद संपत्ति और नकदी के स्रोत की पड़ताल कर रही है।साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद सामग्री का VPDO परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े आर्थिक लेन-देन से कोई संबंध है या नहीं।

ED की कार्रवाई का आधार UKSSSC की VPDO परीक्षा-2016 में कथित बड़े पैमाने की अनियमितताओं से जुड़ा मामला है। इस संबंध में देहरादून के थाना विजिलेंस में दर्ज FIR समेत अन्य संबंधित प्राथमिकी को जांच का आधार बनाया गया है।

आरोप है कि परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं के जरिए अभ्यर्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाने और इसके बदले आर्थिक लाभ लेने की गतिविधियां हुईं। अब ED इसी कथित अपराध से अर्जित रकम, उसके लेन-देन और उससे बनाई गई संपत्तियों की मनी ट्रेल खंगाल रही है।

तलाशी अभियान के दौरान जांच एजेंसी ने तत्कालीन UKSSSC अध्यक्ष और सचिव, तत्कालीन परीक्षा नियंत्रक, OMR शीट की प्रोसेसिंग से जुड़ी निजी कंप्यूटर एजेंसी के मालिक तथा कथित तौर पर मामले से जुड़े बिचौलियों के ठिकानों को भी जांच के दायरे में लिया।ED की कार्रवाई से साफ है कि एजेंसी केवल परीक्षा में कथित गड़बड़ी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि इसके पीछे हुए संभावित आर्थिक लेन-देन और उससे जुड़े लोगों की भूमिका की भी गहराई से जांच कर रही है।

ED की टीम ने चंदन सिंह जीना के आवास पर भी तलाशी ली। जीना वर्ष 2014 से 2017 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में विशेष कार्याधिकारी (OSD) और निजी सहायक (PA) के तौर पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में भी उनके पूर्व मुख्यमंत्री के निजी सहायक के रूप में कार्यरत होने की जानकारी है।

हालांकि, किसी व्यक्ति के परिसर में तलाशी होना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं करता। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का निर्धारण जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

तलाशी के दौरान बरामद करीब ₹32 लाख नकद, सोना और 12 लग्जरी घड़ियां अब ED की जांच के केंद्र में रहेंगी। एजेंसी इनके स्वामित्व, खरीद और स्रोत से जुड़े दस्तावेजों तथा वित्तीय लेन-देन की जांच कर सकती है।जांच का अहम पहलू यह होगा कि बरामद संपत्ति वैध आय से अर्जित की गई थी या इसका किसी कथित अवैध लेन-देन से संबंध है। इसके साथ ही एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़े लोगों के बैंक खातों, संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी पड़ताल कर सकती है।

ED की इस कार्रवाई के बाद मामले में जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना है। तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य सामग्री का विश्लेषण करने के बाद एजेंसी कथित मनी ट्रेल से जुड़े नए लोगों या संपत्तियों तक पहुंच सकती है।फिलहाल, बरामद नकदी, सोने और लग्जरी घड़ियों का अंतिम रूप से मामले से संबंध जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। आने वाले दिनों में ED की जांच और संबंधित व्यक्तियों के बयान इस मामले में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button