उत्तराखंड में शराब की उपदुकानों पर रोक,सरकार ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका पर दिया जवाब..

नैनीताल।
उत्तराखंड हाईकोर्ट में उप शराब की दुकानों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि नई आबकारी नीति के तहत प्रदेश में नई उप शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।सरकार के इस रुख के बाद हाईकोर्ट ने जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने सरकार के स्पष्ट रुख को रिकॉर्ड पर लेते हुए जनहित याचिका का निस्तारण कर दिया।
यह मामला टिहरी जिले की धनौल्टी तहसील के हटवाल गांव में प्रस्तावित उप शराब की दुकान से जुड़ा था।गांव की जिला पंचायत सदस्य सीता देवी ने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि उप शराब की दुकान खोले जाने का ग्रामीणों ने व्यापक विरोध किया है। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि नई आबकारी नीति में स्पष्ट प्रावधान है कि प्रदेश में नई उप शराब की दुकानें खोलने की अनुमति नहीं है और केवल पहले से संचालित दुकानों का ही संचालन जारी रखा जा सकता है।
ग्रामीणों के विरोध के बाद जिला प्रशासन ने संबंधित उप दुकान को बंद करने के आदेश जारी किए थे।हालांकि बाद में आबकारी आयुक्त ने इन आदेशों पर रोक लगा दी,जिसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा।सुनवाई के दौरान न्यायालय ने याचिकाकर्ता को आबकारी आयुक्त के स्टे आदेश को चुनौती देने की भी अनुमति दी।
सुनवाई में आबकारी आयुक्त ने न्यायालय को बताया कि नई आबकारी नीति के प्रावधान 3.14 के तहत सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि प्रदेश में नई उप शराब की दुकानें नहीं खोली जाएंगी।वर्ष 2024-25 से संचालित दुकानों का संचालन पूर्ववत जारी रहेगा,लेकिन नई उप दुकानें खोलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि टिहरी जिले के हटवाल गांव में उप शराब की दुकान नहीं खुलेगी।साथ ही प्रदेशभर में नई आबकारी नीति के तहत नई उप शराब की दुकानों के संचालन पर रोक जारी रहेगी।




